सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल पर गिरी गाज, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से जारी किए निलंबन के आदेश
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में केजी कक्षा की मासूम बच्ची के साथ हुई बेरहमी से मारपीट के मामले में हरियाणा शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में हरियाणा सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 1 नवंबर को आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन में हलचल मच गई है।
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, स्कूल में पढ़ने वाली केजी कक्षा की एक छोटी बच्ची के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। बच्ची के साथ हुई घटना ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ स्कूल परिसर में हुई इस घटना को लेकर स्कूल में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जिम्मेदारी और विद्यालय प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की है। जारी सरकारी आदेशों के मुताबिक, प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में
स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल कक्षा में मौजूद शिक्षक तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें स्कूल प्रमुख और पूरे प्रबंधन की भी अहम भूमिका होती है। विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार रोकने के लिए निगरानी, अनुशासन और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
ऐसे में केजी की बच्ची के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। प्रिंसिपल का निलंबन इसी मामले में विभाग की ओर से की गई प्रशासनिक कार्रवाई है। हालांकि, निलंबन को अंतिम दोष निर्धारण नहीं माना जा सकता। मामले में जिम्मेदारी और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं का निष्पक्ष परीक्षण होना जरूरी है।
अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखभाल से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। अभिभावक अपने बच्चों को इस भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं कि वहां उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। विशेषकर केजी और प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे अपनी परेशानी कई बार ठीक से बता भी नहीं पाते। ऐसे में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रिंसिपल नीलू के निलंबन के आदेश जारी होने के बाद अब इस मामले में आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अभिभावकों की अपेक्षा है कि बच्ची के साथ हुई घटना के सभी पहलुओं की जांच हो, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित इस स्कूल में हुई घटना और उसके बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।












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