October 11, 2026 8:15 am

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कमजोरी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, रुपया भी फिसला

मुंबई: सोमवार, 12 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा, जिससे बेंचमार्क सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला।
सुबह करीब 9:22 बजे बीएसई सेंसेक्स 95 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 83,212 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 95 अंक या 0.37 प्रतिशत टूटकर 25,588 पर पहुंच गया।
रुपया भी दबाव में
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया 5 पैसे की गिरावट के साथ 90.23 पर खुला और कुछ समय में 90.23 से 90.30 के दायरे में कारोबार करता नजर आया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली
बेंचमार्क के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी गिरावट रही।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.33 प्रतिशत फिसला
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई
इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।
सेक्टोरल मोर्चे पर दबाव
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो मेटल और एफएमसीजी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे।
फार्मा,
रियल्टी,
मीडिया सेक्टर
में 1.4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार जानकारों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण इन सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

तकनीकी स्तरों पर बाजार की नजर
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,500 से 25,600 का स्तर तत्काल समर्थन के रूप में काम कर सकता है। वहीं, बाजार में स्थिरता लौटने के लिए 25,800–25,850 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट जरूरी माना जा रहा है। इंडिया वीआईएक्स में तेजी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

वैश्विक कारकों से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका प्रशासन की हालिया टिप्पणियों से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा वेनेजुएला और ईरान संकट, साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों ने वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बनाया है।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रुख
हालांकि, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में सुबह के सत्र में मजबूती देखने को मिली। चीन, जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई थी।
विश्लेषकों का कहना है कि अब निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों और बड़ी आईटी व बैंकिंग कंपनियों के प्रबंधन के आउटलुक पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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