August 27, 2026 5:06 am

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हरियाणा में लोहड़ी पर कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, 5 जिलों में रेड अलर्ट, रेवाड़ी में टूटा 8 साल का रिकॉर्ड

चंडीगढ़: हरियाणा में लोहड़ी के पर्व के साथ ही ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, कैथल, फतेहाबाद, सिरसा और गुरुग्राम में घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहा।

5 जिलों में सीवियर कोल्ड डे का रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नूंह जिलों में सीवियर कोल्ड डे को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यंत घना कोहरा, बेहद कम दृश्यता और पाला गिरने की आशंका जताई गई है। खासतौर पर दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में हालात अधिक गंभीर बने हुए हैं, जिससे किसान भी चिंतित हैं।

सोनीपत रहा सबसे ठंडा जिला
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मंगलवार सुबह हरियाणा का सबसे ठंडा जिला सोनीपत रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हिसार में 1.5, नारनौल में 1.8, जबकि करनाल और महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है।

19 जनवरी के बाद बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के मुताबिक 16 जनवरी तक मौसम शुष्क बना रहेगा और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। 16 और 19 जनवरी की रात पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते 17 और 18 जनवरी को आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी, जबकि 19 जनवरी के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है।

कोहरे और ठंड को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्ट जारी करते हुए चेताया है कि घने कोहरे के कारण सड़क यातायात और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से सर्दी-जुकाम, फ्लू और फ्रॉस्ट बाइट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गर्म तरल पदार्थ लेने और वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।

रेवाड़ी में कड़ाके की ठंड, 8 साल का रिकॉर्ड टूटा
रेवाड़ी जिले में ठंड ने बीते 8 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को न्यूनतम तापमान गिरकर -1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गाड़ियों के शीशों पर बर्फ जम गई। खेतों में सरसों की फसल पर पाले की सफेद चादर नजर आई। भीषण ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि खुले स्थानों और रेलवे स्टेशन पर रात गुजारना लोगों के लिए चुनौती बन गया है।

फसलों पर पाले का असर
रेवाड़ी में रविवार को न्यूनतम तापमान -0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सोमवार को और गिर गया। लगातार ठंड और पाले से सरसों, मटर, सब्जी और फूलों की फसलों को नुकसान की आशंका है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. अनिल यादव के अनुसार फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है और किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई कर फसलों में नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

अंबाला में भी घना कोहरा
अंबाला में भी घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लगातार पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

ठंड से आमजन परेशान, किसानों को फायदा
कड़ाके की ठंड से जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं किसानों के लिए यह मौसम कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो रहा है। गेहूं की फसल के लिए ठंड और कोहरा लाभकारी माना जा रहा है, जिससे पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि बारिश न होने और सूखी ठंड के कारण टमाटर सहित कुछ फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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