स्टांप ड्यूटी में बड़ी राहत, ट्रांसफर फीस पर सीमा तय — दशकों पुरानी अनिश्चितता होगी खत्म
चंडीगढ़, 13 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक और नागरिक-केंद्रित सुधारों को मंजूरी दी है। इन फैसलों से जहां संपत्ति पंजीकरण को किफायती, पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत बनाया गया है, वहीं दशकों से चली आ रही स्वामित्व संबंधी अनिश्चितता को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री, जिनके पास सहकारिता विभाग का भी प्रभार है, के निर्देशानुसार सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में संपत्ति के हस्तांतरण और पंजीकरण से जुड़े व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्पष्ट कानूनी स्वामित्व देना और राज्य के राजस्व हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मूल आवंटियों को बड़ी राहत
सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों द्वारा उनके मूल सदस्यों को किए गए आवंटन के दस्तावेजों को पूर्णतः स्टांप ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इन मामलों में केवल नाममात्र का पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। यह छूट कानूनी वारिसों, जीवनसाथी और पात्र पारिवारिक सदस्यों पर भी लागू होगी, जिससे वास्तविक उत्तराधिकार मामलों में किसी तरह की कानूनी परेशानी न हो।
ट्रांसफर मामलों में समयबद्ध रियायती स्टांप ड्यूटी
गैर-मूल आवंटियों और ट्रांसफर मामलों में सरकार ने 12 जनवरी 2026 से समयबद्ध रियायती स्टांप ड्यूटी लागू की है:
31 जनवरी 2026 तक पंजीकरण पर — 1% स्टांप ड्यूटी
28 फरवरी 2026 तक — 2% स्टांप ड्यूटी
31 मार्च 2026 तक — 3% स्टांप ड्यूटी
इसके बाद सामान्य स्टांप ड्यूटी दरें लागू होंगी।
ट्रांसफर फीस पर कानूनी सीमा
सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों द्वारा वसूली जाने वाली ट्रांसफर फीस पर भी स्पष्ट कानूनी सीमा तय कर दी है, जिससे सदस्यों को पंजीकरण या ट्रांसफर के दौरान मनमानी वसूली और अतिरिक्त मांगों से राहत मिलेगी।
हजारों परिवारों को मिलेगा सुरक्षित स्वामित्व
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में सहकारी हाउसिंग संपत्तियां वर्षों से बिना पंजीकरण के हैं, जिसके कारण लोगों को कानूनी विवादों और मुकदमेबाजी का सामना करना पड़ा। नए सुधारों से:
नागरिकों को स्पष्ट और सुरक्षित कानूनी स्वामित्व मिलेगा
स्टांप ड्यूटी की वैध वसूली सुनिश्चित होगी
पंजीकरण को प्रेरणा आधारित बनाया जाएगा, न कि बाध्यता से
सोसायटियों की अनुचित ट्रांसफर फीस पर रोक लगेगी
जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के निर्देश
सहकारिता विभाग ने पंजाब भर के डिप्टी कमिश्नरों और सब-रजिस्ट्रारों को इन प्रावधानों के एकसमान और सुचारू क्रियान्वयन के लिए विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी पात्र निवासियों से अपील की है कि वे इस सीमित समय के अवसर का लाभ उठाएं, अपनी कन्वेयंस डीड पंजीकृत कराएं और अपने संपत्ति अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित करें।
यह पहल पंजाब सरकार की पारदर्शी, जन-हितैषी और कानूनी रूप से सशक्त प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।













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