May 23, 2026 9:00 pm

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चंडीगढ़ में किसानों का प्रदर्शन: लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू करने की मांग, 22 गांवों के सैकड़ों किसान धरने पर बैठे

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के 22 गांवों से आए करीब 500 से अधिक किसानों ने सारंगपुर–मुल्लापुर बैरियर के पास धरना देकर चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन का आह्वान पेंडू विकास मंच द्वारा किया गया था, जिसमें किसानों ने लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू करने, लाल डोरा व्यवस्था समाप्त करने और कलेक्टर रेट को मार्केट रेट के बराबर करने सहित कई अहम मांगें उठाईं।
धरने के दौरान किसानों ने कहा कि चंडीगढ़ में लंबे समय से ग्रामीण इलाकों की जमीन और विकास से जुड़ी स्पष्ट नीतियां नहीं बनाई गई हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि जब चंडीगढ़ के सभी गांव नगर निगम के दायरे में शामिल हो चुके हैं, तब भी उनकी कृषि भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई।
पेंडू विकास मंच के अध्यक्ष सतिंदर सिद्धू ने कहा कि चंडीगढ़ के किसानों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीनों पर चंडीगढ़ शहर बसाया गया, उन्हीं किसानों के हितों के लिए अब तक कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी जल्द से जल्द लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू की जाए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके और योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सके।


सिद्धू ने कहा कि अगर लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू की जाती है तो लाल डोरा व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी और गांवों में सुनियोजित विकास संभव होगा। इससे ग्रामीणों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और जमीन के उपयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनेगी।
धरने में शामिल किसानों ने यह भी मांग की कि चंडीगढ़ में कृषि भूमि के अधिग्रहण के लिए लागू मल्टीप्लाइंग फैक्टर को 1.25 से बढ़ाकर 2 किया जाए, ताकि किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर रेट को मार्केट रेट के बराबर करने और गांवों को गांवों के साथ जोड़कर वार्ड बनाए जाने की मांग भी उठाई।
किसानों का आरोप है कि वर्तमान में चंडीगढ़ में कृषि भूमि के उपयोग और विकास को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। यदि प्रशासन जल्द ठोस कदम नहीं उठाता, तो आने वाले दिनों में किसानों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरने में साधु सिंह (संरक्षक, ग्राम संघर्ष मोर्चा), सुरजीत सिंह ढिल्लों (मनीमाजरा), एच.एस. लकी (अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस), हरभजन सिंह (कजहेड़ी), जीत सिंह (बहलाना, पूर्व सरपंच), तारा सिंह (अध्यक्ष, चंडीगढ़ गुरुद्वारा एसोसिएशन), गुरजीत सिंह (डडू माजरा), रॉबिन, रामपाल, भूपिंदर मटुरिया समेत चंडीगढ़ के 22 गांवों के पूर्व सरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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