April 7, 2026 3:28 pm

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IDFC बैंक घोटाले पर चंडीगढ़ प्रशासक सख्त, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: गुलाब चंद कटारिया

116 करोड़ रुपये के फर्जी एफडीआर मामले की जांच तेज, प्रशासन ने पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

चंडीगढ़। चंडीगढ़ में सामने आए बहुचर्चित आईडीएफसी बैंक घोटाले को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराई जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिल सके।
प्रशासक ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या बैंक से जुड़े व्यक्ति की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर निगम के फंड से जुड़ा है मामला
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला नगर निगम चंडीगढ़ के फंड से जुड़ा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैंक की ओर से कथित रूप से करीब 116 करोड़ रुपये की फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें जारी की गईं। इन फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
जैसे ही यह मामला सामने आया, प्रशासन और वित्तीय तंत्र में हड़कंप मच गया। नगर निगम के खातों और बैंक से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गड़बड़ी कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।

जांच एजेंसियां जुटीं, दस्तावेज खंगाले जा रहे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। घोटाले से जुड़े बैंकिंग दस्तावेज, एफडीआर रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान बैंक अधिकारियों, संबंधित कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी स्तर पर दबाव या हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भविष्य में रोकथाम के लिए कड़े कदम
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन सरकारी खातों और बैंकिंग प्रक्रियाओं की निगरानी को और मजबूत करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वित्तीय लेनदेन की निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए तथा सरकारी धन के प्रबंधन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को सरकारी धन के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न हो।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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