April 5, 2026 12:31 pm

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आज का पंचांग 13 मार्च 2026: कृष्ण पक्ष नवमी पर शुभ कार्यों से परहेज, लक्ष्मी पूजा से मिल सकता है लाभ

शुक्रवार को व्यतिपात योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग, राहुकाल में कोई भी मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह
चंडीगढ़। आज 13 मार्च 2026, शुक्रवार को हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर मृत्यु के देवता यम और माता दुर्गा का प्रभाव माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़े शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए। हालांकि शत्रुओं पर विजय पाने या भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए यह दिन अनुकूल माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति ऐसी है कि कुछ विशेष धार्मिक उपाय और पूजा करने से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

13 मार्च 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: नवमी
दिन: शुक्रवार
योग: व्यतिपात
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
करण: गर
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 06:34 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:28 बजे
चंद्रोदय: 14 मार्च को देर रात 03:30 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 12:54 बजे

राहुकाल और अशुभ समय
आज के दिन कुछ विशेष समय को ज्योतिष शास्त्र में अशुभ माना जाता है। इन समयों में नए या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल: सुबह 11:01 से दोपहर 12:31 बजे
यमगंड: दोपहर 03:29 से शाम 04:58 बजे
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और दुमुहूर्त जैसे समय में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना उचित नहीं माना जाता।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में लक्ष्मी पूजा का महत्व
आज चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेंगे और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र लगभग 13:20 से 26:40 तक माना जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह शुक्र हैं और इसके देवता वरुण माने जाते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार पूर्वाषाढ़ा का अर्थ “विजय से पहले की तैयारी” होता है। इसलिए इस नक्षत्र में भविष्य की योजनाएं बनाना, नए काम की रणनीति तैयार करना और लक्ष्य निर्धारित करना शुभ माना जाता है।
इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति का आशीर्वाद मिल सकता है।
धार्मिक मान्यता:
आज का दिन भले ही बड़े शुभ कार्यों के लिए अनुकूल न माना जाए, लेकिन पूजा-पाठ, साधना और भविष्य की योजनाओं की तैयारी के लिए इसे अच्छा समय माना जाता है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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