October 29, 2026 9:56 am

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कुरुक्षेत्र में नवरात्र महोत्सव की भव्य शुरुआत, शक्तिपीठ में उमड़ी आस्था—मां भद्रकाली मंदिर की महिमा अपार

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में नवरात्र पर्व को लेकर भव्य तैयारियां की गई हैं। 19 मार्च से 26 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव के तहत पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। पर्व की शुरुआत से पहले नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

5100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा
शोभायात्रा को हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान 5100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मां भद्रकाली के जयकारों के बीच नगर की परिक्रमा की। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं, ढोल-नगाड़ों की गूंज और आकर्षक झांकियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

क्या है मां भद्रकाली मंदिर की महिमा?
श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जब भगवान शिव मां सती के पार्थिव शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उनके शरीर के टुकड़े किए। जहां-जहां ये अंग गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई।
मान्यता है कि इस पवित्र स्थल पर मां सती का टखना (एड़ी) गिरा था, इसलिए यहां विराजमान मां भद्रकाली को अत्यंत शक्तिशाली और जागृत देवी माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।

महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि पांडव ने कौरव के साथ युद्ध से पहले यहां मां भद्रकाली की पूजा-अर्चना कर विजय का आशीर्वाद लिया था। युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद पांडवों ने यहां अपने घोड़ों की बलि देकर मां का आभार प्रकट किया। इसी कारण यहां आज भी श्रद्धालु प्रतीक रूप में घोड़े चढ़ाने की परंपरा निभाते हैं।

‘मनोकामना पूरी करने वाला’ शक्तिपीठ
मंदिर के पीठाधीश सतपाल शर्मा के अनुसार यह स्थान श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम है। नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा, हवन, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां का आशीर्वाद लेते हैं।
यहां आने वाले भक्त विशेष रूप से संतान प्राप्ति, विवाह, सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए मां के चरणों में प्रार्थना करते हैं।

प्रशासन की विशेष तैयारियां
नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है।

आस्था और उत्सव का संगम
नवरात्र महोत्सव के दौरान मां भद्रकाली की महिमा का गुणगान करते हुए श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और समाजिक समरसता का भी संदेश देता है।
कुल मिलाकर, कुरुक्षेत्र का यह शक्तिपीठ नवरात्र के दौरान आस्था का केंद्र बन गया है, जहां हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

Abhishek Goyat
Author: Abhishek Goyat

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