नए नियमों से किसान त्रस्त, ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई की मांग
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 5 अप्रैल। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार” की दोहरी मार से प्रदेश का किसान आज मजबूर और लाचार हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते किसान और मंडी व्यवस्था दोनों संकट में हैं।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार की अव्यवस्था के कारण किसानों की तैयार फसलें अभी भी खेतों में खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से प्रदेशभर की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद नाममात्र रही है। जो खरीद हो भी रही है, उसमें किसानों को नई व्यवस्था के नाम पर परेशान किया जा रहा है, जिसका किसान और आढ़ती खुलकर विरोध कर रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि खराब मौसम को देखते हुए किसान जल्द से जल्द अपनी गेहूं और सरसों की फसल बेचकर नुकसान से बचना चाहते हैं, लेकिन मंडियों में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल में नमी, वेरिफिकेशन, गेट पास और अंगूठे की मैचिंग जैसे नए नियमों में उलझाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि नमी के नाम पर दामों में कटौती की जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मंडी व्यवस्था को कमजोर कर रही है और किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है।
दुष्यंत चौटाला ने सरकार से मांग की कि वह किसानों पर “डबल मार” करने की बजाय फसल खरीद की व्यवस्था को मजबूत करे और बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के वादे करती रही है, लेकिन आज किसानों की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है।











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