August 5, 2026 9:16 am

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चंडीगढ़ में भारत की पहली समर्पित बायोफाउंड्री का शिलान्यास, 42 करोड़ रुपये का निवेश

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 19 मार्च 2026: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (NABI), मोहाली में भारत की पहली समर्पित बायोफाउंड्री का शिलान्यास किया। इस नई सुविधा में अगले दो वर्षों में लगभग 42 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस बायोफाउंड्री का उद्देश्य कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी में उन्नत बायोमैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं को विकसित करना और उन्हें औद्योगिक स्तर पर स्केल करना है। केंद्र स्मार्ट प्रोटीन, बायो-इनपुट्स और बायो-आधारित उत्पादों के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “यह केंद्र प्रयोगशाला अनुसंधान को उद्योग से जोड़ने, न्यूट्रिशनल बायोएक्टिव्स और बायो-इनपुट्स में नवाचार को तेज करने और भारत की बायोइकोनॉमी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि NABI जैव प्रौद्योगिकी परिदृश्य में अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है, जो जीनोमिक्स, माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी, फूड साइंस और बायोइनफॉरमेटिक्स में कार्य कर रहा है। इस काम से पोषण सुरक्षा, सतत कृषि और एग्री-फूड सिस्टम में मूल्य संवर्धन सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में BRIC-NABI फाउंडेशन डे, बायोमैन्युफैक्चरिंग वर्कशॉप 4.0 और “स्मार्ट प्रोटीन फोरम 2026” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसमें देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि और नवप्रवर्तक शामिल हुए।
मंत्री ने कहा कि वैश्विक प्रोटीन मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए स्मार्ट प्रोटीन जैसे वैकल्पिक समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि NABI में विकसित नई बायोफाउंड्री स्टार्टअप्स और उद्योग को स्केल-अप, प्री-कमर्शियलाइजेशन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में सहयोग प्रदान करेगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने BioE3 (बायोटेक्नोलॉजी फॉर इकोनॉमी, एनवायरनमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट) जैसी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की तेजी से बढ़ती बायोइकोनॉमी को मजबूत करने और रोजगार सृजन में मदद करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अकादमिया, उद्योग और नीति निर्माता के बीच सहयोग जैव प्रौद्योगिकी में सफलता की कुंजी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल खाद्य, पोषण और कृषि में नवाचार को तेज करेगी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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