2 घंटे 47 मिनट में पूरी की 21 किमी की दौड़, रोजाना करीब 5 किलोमीटर दौड़ने को बनाती हैं अपनी दिनचर्या का हिस्सा
रमेश गोयत
पंचकूला, 20 सितंबर। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहीं अधिवक्ता अलीशा बधराण ने रविवार को आयोजित पंचकूला हाफ मैराथन-2026 में 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने यह दूरी 2 घंटे 47 मिनट में पूरी की।
अलीशा बधराण के साथ लॉ की छात्रा नमिता और शीतल बधराण ने भी हाफ मैराथन में भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेष रूप से कानूनी पेशे से जुड़े लोगों, खासकर महिला अधिवक्ताओं को व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकालने और नियमित शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
पेशे की व्यस्तता के बीच फिटनेस पर जोर
अलीशा बधराण पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने के साथ-साथ ब्रिटेन की लॉ फर्म Nara Solicitors से Registered Foreign Lawyer के तौर पर भी जुड़ी हुई हैं। वह ब्रिटेन स्थित फर्म के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन कानूनी कार्य करती हैं। रणधीर सिंह बधराण पूर्व चेयरमैन बार कौंसिल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ की बेटी है।
कानूनी पेशे की व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद अलीशा अपनी फिटनेस के लिए नियमित समय निकालती हैं। वह अपनी दिनचर्या में लगभग पांच किलोमीटर की दौड़ को शामिल करती हैं। उनका कहना है कि लगातार काम के दबाव और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालना बेहद जरूरी है।

दौड़ से तनाव कम करने और स्वास्थ्य बेहतर बनाने पर जोर
पंचकूला हाफ मैराथन में भाग लेते हुए अलीशा ने कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को नियमित व्यायाम और रनिंग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लगातार दौड़ना और शारीरिक व्यायाम न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि पेशेवर तनाव को संभालने और समग्र स्वास्थ्य एवं जीवनशैली को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकता है।
उन्होंने चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त कार्यक्रम में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निर्धारित करें और स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले रनिंग एवं फिटनेस आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
महिला अधिवक्ताओं के लिए भी दिया खास संदेश
अलीशा बधराण ने विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं से कहा कि करियर और पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका संदेश है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकालने में संकोच नहीं करना चाहिए और फिटनेस गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
उनके अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लाभ केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है।
स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण जागरूकता का संदेश
पंचकूला हाफ मैराथन में उनकी भागीदारी का उद्देश्य केवल फिटनेस तक सीमित नहीं रहा। अलीशा और उनके साथ दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने लोगों को ऐसी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ आदतों और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को महत्व दिया जाए। उनका मानना है कि समाज में स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
अलीशा बधराण की 21 किलोमीटर की इस दौड़ ने कानूनी पेशे की व्यस्त दिनचर्या के बीच फिटनेस को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उनके साथ लॉ की छात्रा नमिता और शीतल बधराण की भागीदारी ने भी युवा वर्ग और महिला प्रतिभागियों को फिटनेस गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।














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