पंजाब समेत कई राज्यों में मतदान; चार साल बाद हो रहा ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट के ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की 15 सीटों के लिए आज मतदान होगा। इस चुनाव में 6,25,784 पंजीकृत ग्रेजुएट मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। कुल 51 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान पंजाब के अलावा अलग-अलग राज्यों में बनाए गए केंद्रों पर कराया जा रहा है। करीब चार साल के अंतराल के बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ पंजाब और चंडीगढ़ की छात्र राजनीति में भी सक्रियता बढ़ी हुई है।
ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में सीनेट के सामान्य सदस्यों की 15 सीटों के लिए उम्मीदवारों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर मतदाताओं से संपर्क किया। चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी, परीक्षा फीस, छात्र सुविधाएं, हॉस्टल, आरक्षण, पंजाबी भाषा और विरासत से जुड़े विषयों के साथ विश्वविद्यालय के बजट में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
अलग-अलग मुद्दों के साथ मैदान में उम्मीदवार
चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए व्यक्तिगत संपर्क, बैठकों और सोशल मीडिया का सहारा लिया। रमनप्रीत सिंह ने शिक्षकों की कमी दूर करने तथा परीक्षा फीस कम किए जाने की मांग को प्रमुखता दी है। रविंदर बिल्ला संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को मुद्दा बना रहे हैं।
रिमजोत सिंह ने पंजाबी भाषा और पंजाब की विरासत से जुड़े विषयों को अपने प्रचार का हिस्सा बनाया है। वहीं एडवोकेट गुरदीप सिंह ने हॉस्टल से संबंधित समस्याओं को उठाया है। अनिल दुल विश्वविद्यालय के बजट में पारदर्शिता की बात कर रहे हैं। अन्य उम्मीदवारों के प्रचार में शिक्षा, आरक्षण और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल रहे।
चुनावी मैदान में रमनप्रीत सिंह, रविंदर बिल्ला, अनिल दुल, रिमजोत सिंह, एडवोकेट गुरदीप सिंह, सुखदीप सिंह सरता, अमृतपाल सिंह, रणवीर सिंह, संदीप सिकरी, अशोक गोयल, लाजवंत, मुकेश अरोड़ा, वरिंदर गिल, सिमरन डिल्लों और जोगिंदर सिंह समेत कई उम्मीदवार शामिल हैं।
करीब 200 संबद्ध कॉलेजों तक पहुंच
पीयू सीनेट के ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का दायरा काफी बड़ा है। चुनाव प्रक्रिया में करीब 200 संबद्ध कॉलेजों से जुड़े ग्रेजुएट मतदाता शामिल हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत संपर्क के साथ सोशल मीडिया और क्षेत्रवार प्रचार का सहारा लिया।
उम्मीदवारों के लिए चुनौती केवल चंडीगढ़ या पंजाब तक सीमित नहीं है, क्योंकि ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अलग-अलग राज्यों में भी मौजूद हैं। इसी वजह से कई उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों और संपर्क सूत्रों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार किया।
चार साल बाद फिर हुआ चुनाव
पीयू सीनेट चुनाव को लेकर पिछले कुछ वर्षों से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। निर्वाचित सीनेट का चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव नहीं हो सका था। इसी वजह से ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं में लंबे समय से नए चुनाव की मांग थी।
चुनाव कराने की मांग को लेकर विद्यार्थियों की ओर से भी आंदोलन किया गया था। पिछले वर्ष नवंबर में विद्यार्थियों ने करीब 26 दिन तक आंदोलन किया था। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब मतदान की स्थिति तक पहुंची है।
मतदान और मतगणना का कार्यक्रम
ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए मतदान 23 सितंबर की सुबह 9:30 बजे पंजाब यूनिवर्सिटी के जिम्नेजियम हॉल में होगा। इसके अलावा निर्धारित मतदान केंद्रों पर भी वोट डाले जाएंगे।
वहीं संबद्ध आर्ट्स कॉलेजों के हेड्स, प्रोफेसर्स, एसोसिएट प्रोफेसर्स और असिस्टेंट प्रोफेसर्स के मतों की गणना 22 सितंबर को की जाएगी। ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
सीनेट चुनाव पर टिकी नजरें
पीयू सीनेट का विश्वविद्यालय की अकादमिक और प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में चार साल बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, ग्रेजुएट मतदाताओं और छात्र संगठनों की नजरें परिणाम पर टिकी हैं।
इस चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं के शामिल होने के कारण उम्मीदवारों ने अंतिम चरण में अपने समर्थकों से अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है। अब 15 सीटों के लिए मैदान में उतरे 51 उम्मीदवारों में से किन उम्मीदवारों को ग्रेजुएट मतदाताओं का समर्थन मिलता है, इसका फैसला मतदान और मतगणना के बाद होगा।
बाबूगिरी हिंदी के लिए विशेष रिपोर्ट | चंडीगढ़














Total Users : 416675
Total views : 667816