डॉक्टर द्वारा बाहर की दवा लिखने पर देनी होगी वजह, सीएमओ की तय होगी जवाबदेही
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 30 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दवाओं की कमी, अव्यवस्था या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
दवाओं का रिकॉर्ड होगा रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं का स्टॉक अब रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। इससे डॉक्टरों को तुरंत जानकारी मिल सकेगी कि किस अस्पताल में कौन-सी दवा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बाहर की दवाइयां लिखने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। यदि किसी डॉक्टर को मजबूरी में बाहर की दवा लिखनी पड़ती है, तो उसे स्पष्ट रूप से यह दर्ज करना होगा कि वह दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी।
दवा की कमी पर जीरो टॉलरेंस, सीएमओ होंगे जिम्मेदार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में दवाओं की कमी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सिविल सर्जन (सीएमओ) की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने दवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक साल के पैनल सिस्टम को लागू करने और सीएमओ को चार दिन पहले ही आवश्यक दवाओं की जानकारी संबंधित एजेंसियों को देने के निर्देश दिए।
डॉक्टरों की मनमानी पर सख्ती, बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने डॉक्टरों द्वारा अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां लिखने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और तय गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
हर जिले में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में यह काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी 12 जिलों में कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने शेष जिलों में भी यह सुविधा जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को दूसरे जिलों में न जाना पड़े।
डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुसार डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर इलाज मिलना चाहिए, इसके लिए ड्यूटी रोस्टर और कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और निगरानी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। जिलों में तय लक्ष्यों के अनुसार काम हो और प्रदर्शन आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए।
प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया होगी पारदर्शी और समयबद्ध
मुख्यमंत्री ने दवाओं और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
अस्पतालों में सफाई, सुविधाएं और व्यवहार में सुधार जरूरी
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई, सुव्यवस्थित व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने फीडबैक सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि मरीजों के अनुभव के आधार पर सेवाओं में लगातार सुधार किया जा सके।
अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
बैठक में मेडिकल कॉलेजों की प्रगति, ई-उपचार सेवाएं, आयुष्मान योजना, दवा स्टॉक, एंबुलेंस में ईंधन और मरीजों के भोजन व एलपीजी की उपलब्धता जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि इन सभी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।










Total Users : 291146
Total views : 493328