बरसात से पहले ड्रेनों, नहरों व नालों की सफाई के दिए सख्त निर्देश
तटबंधों को मजबूत करने के साथ हरित बनाने पर भी जोर
चंडीगढ़, 3 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि शहरों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी ड्रेनों, नहरों और नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई, जनस्वास्थ्य एवं स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रेन और नहरों के साथ मजबूत बर्म (किनारे) बनाने और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जलभराव रोकने के लिए दीर्घकालिक योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए वैज्ञानिक ढंग से जल निकासी परियोजनाएं तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी के लिए ड्रेन बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि इस पानी का उपयोग किसान सिंचाई में कर सकें।
सफाई कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ड्रेनों और नहरों की सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हैं, उनका समय रहते निरीक्षण कर उन्हें मजबूत बनाया जाए। निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए ताकि ओवरफ्लो की स्थिति न बने।
उन्होंने घग्गर नदी, मारकण्डा नदी और टांगरी नदी की सफाई के साथ तटबंधों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही कुरुक्षेत्र के चीका क्षेत्र में सरस्वती नदी के बहाव को सीधा करने के निर्देश भी दिए।
तटबंधों को हरित बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंधों पर पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पौधारोपण किया जाए, जिससे ये क्षेत्र हरित और मजबूत बन सकें।
ड्रेनों की सफाई और पंपिंग क्षमता की स्थिति
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में 825 ड्रेनों और नालों में से 713 पर सफाई कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
बाढ़ बचाव के 425 शॉर्ट टर्म कार्यों में से 250 के टेंडर जारी हो चुके हैं।
प्रदेश में जल निकासी के लिए 9609 क्यूसेक क्षमता के 2723 पंप तैयार किए गए हैं, जिनमें डीजल, इलेक्ट्रिक और मोबाइल पंप शामिल हैं।
शहरी निकायों में भी तेजी से कार्य
राज्य के 87 स्थानीय निकायों में 2655 किलोमीटर लंबी 2382 ड्रेनों में से 1116 किलोमीटर की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष कार्य जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 85 शहरों में 100 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई मई माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।
बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त अशोक मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।













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