कैथल/ग्योंग (हरियाणा): डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व को समझाने के उद्देश्य से आरोही स्कूल ग्योंग में ‘मजबूत पासवर्ड से सुरक्षित भविष्य की ओर’ विषय पर एक विशेष डिजिटल नागरिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला ने की, जबकि हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार चावला ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को डिजिटल नागरिकता के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया गया। डॉ. विजय कुमार चावला ने बताया कि यह डिजिटल नागरिक कार्यक्रम एक नवीन पहल है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक और उपकरणों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि मजबूत पासवर्ड डिजिटल सुरक्षा की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने समझाया कि कमजोर पासवर्ड के कारण व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए हर व्यक्ति को अपने ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए।
विशेष सत्र में विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि एक सुरक्षित पासवर्ड में बड़े और छोटे अक्षरों, अंकों और विशेष चिन्हों का संयोजन होना चाहिए। साथ ही यह भी समझाया गया कि पासवर्ड कभी भी आसान, अनुमानित या व्यक्तिगत जानकारी जैसे जन्मतिथि या नाम पर आधारित नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को डिजिटल नागरिकता की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक रूप से डिजिटल तकनीक का उपयोग करने का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन आचरण के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं अपने मजबूत पासवर्ड तैयार किए और सीखी गई बातों को व्यवहार में लागू किया। इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने डिजिटल सुरक्षा के महत्व को गंभीरता से समझा।
डॉ. चावला ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।











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