October 30, 2026 11:10 am

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HARYANA: बिजली कंपनियों ने सरचार्ज वसूली नियमों में ढील मांगी, आयोग करेगा जनसुनवाई के बाद फैसला

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 अप्रैल। हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों—उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम—ने ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) की वसूली से जुड़े मौजूदा नियमों में बदलाव की मांग की है। इस संबंध में कंपनियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष याचिका दायर की है। हालांकि आयोग ने तत्काल निर्णय लेने के बजाय इस मुद्दे पर जनसुनवाई कराने का फैसला किया है।
मासिक वसूली की जगह नई व्यवस्था का प्रस्ताव
डिस्कॉम कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ‘मल्टी ईयर टैरिफ’ (MYT) विनियम-2024 के नियम 68 में ढील देने का अनुरोध किया है। मौजूदा नियमों के तहत ईंधन और बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत की वसूली उपभोक्ताओं से हर महीने की जाती है।

कंपनियों ने प्रस्ताव रखा है कि इस लागत को मासिक आधार पर न लेकर आगामी वित्तीय वर्षों में 47 पैसे प्रति यूनिट की समान दर से वसूला जाए। उनका तर्क है कि इससे ‘कैरिंग कॉस्ट’ (ब्याज लागत) के साथ वसूली अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

उपभोक्ताओं से मांगे सुझाव और आपत्तियां
आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए किसी भी बदलाव से पहले आम जनता और संबंधित पक्षों की राय लेना जरूरी है। इसके लिए सार्वजनिक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं और स्टेकहोल्डर्स से 1 मई तक लिखित सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।

14 मई को होगी सार्वजनिक सुनवाई
मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने 14 मई को सुबह 11:30 बजे पंचकूला स्थित अपने कोर्ट रूम में जनसुनवाई आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान समय सीमा के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने वाले सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।

आयोग इस सुनवाई के आधार पर तय करेगा कि बिजली कंपनियों की मांग तर्कसंगत है या नहीं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी निर्णय से बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बना रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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