पांच निदेशकों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाकर दायर की थी याचिका, बैंक से भर्ती नियम और आवश्यक मंजूरियां पेश करने के निर्देश
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 12 सितंबर। चंडीगढ़ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में विभिन्न पदों पर प्रस्तावित 124 नियमित सीधी भर्तियों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मौदगिल की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए बैंक को भर्ती से संबंधित नियमों तथा आवश्यक मंजूरियां अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।
मामला बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की ओर से 124 पदों पर भर्ती और कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है। याचिकाकर्ता पक्ष का आरोप है कि इन फैसलों को लेते समय बैंक के निर्धारित नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
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पांच निदेशकों ने हाईकोर्ट का रुख किया
मामले में चंडीगढ़ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन एवं वर्तमान निदेशक सतिंदरपाल सिंह सिद्धू, वर्तमान वाइस चेयरमैन सुरजीत सिंह ढिल्लों, निदेशक भूपिंदर सिंह बढहेड़ी, जीत सिंह बहलाना और बाल कृष्ण बुड़ैल ने अधिवक्ता रणजीत सिंह कालड़ा के माध्यम से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका में आरोप लगाया गया कि बैंक में विभिन्न पदों पर नियमित सीधी भर्ती करने के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए बोर्ड के सामने रखा गया और उन्हें पारित कराया गया।

7 अगस्त की बोर्ड बैठक को लेकर भी सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि बैंक की ओर से 7 अगस्त 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक बुलाई गई थी। याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार, बैंक के नियमों के तहत बोर्ड बैठक का एजेंडा निर्धारित अवधि, यानी 15 दिन पहले, सभी बोर्ड सदस्यों और निदेशकों को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक था।
आरोप है कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और एजेंडा निर्धारित समय के अनुसार सभी संबंधित सदस्यों तक नहीं पहुंचाया गया। याचिकाकर्ताओं ने इसे बोर्ड बैठक की कार्यवाही और उसमें लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की वैधानिकता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
124 पदों की भर्ती के लिए मंजूरियों पर भी विवाद
याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत में यह भी दलील दी कि बैंक में इतनी बड़ी संख्या में पदों पर नियमित सीधी भर्ती करने अथवा महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेने से पहले संबंधित सक्षम संस्थाओं से आवश्यक मंजूरी लिया जाना जरूरी था।
अधिवक्ता रणजीत सिंह कालड़ा ने अदालत को बताया कि इस प्रकार की भर्ती के लिए बैंक की जनरल बॉडी और रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटीज (आरसीएस) से आवश्यक मंजूरी ली जानी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं के अनुसार 124 पदों की भर्ती के संबंध में ऐसी मंजूरियां प्राप्त नहीं की गईं।
याचिकाकर्ताओं ने इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया तथा बोर्ड द्वारा लिए गए अन्य फैसलों पर आपत्ति जताई।
विरोध के बावजूद प्रस्ताव पारित करने का आरोप
याचिका के अनुसार, पांचों निदेशकों ने बोर्ड की बैठक में भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों का विरोध किया था। उनका कहना था कि निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी किए बिना इस तरह के निर्णय नहीं लिए जाने चाहिए।
इसके बावजूद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में संबंधित प्रस्ताव पारित कर दिए गए। इसके बाद पांचों निदेशकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर लगाई रोक
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल 124 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने बैंक से भर्ती से संबंधित नियम, प्रक्रिया और अन्य आवश्यक मंजूरियों से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है।
अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल इन 124 पदों की भर्ती को लेकर आगे की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें बैंक और संबंधित पक्षों का जवाब तथा आवश्यक दस्तावेज अदालत के सामने रखे जाने हैं।
याचिकाकर्ताओं ने फैसले का स्वागत किया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता पांचों निदेशकों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि भर्ती जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में नियमों और पारदर्शिता का पालन होना जरूरी है।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से भर्ती कराने के माध्यम से आम लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी भी प्रक्रिया का विरोध जारी रखेंगे, जिससे आम लोगों के हित प्रभावित हों।
अब 6 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी नजर
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी। उस दिन बैंक की ओर से भर्ती नियमों, आवश्यक अनुमोदनों और बोर्ड की कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज तथा जवाब अदालत के सामने रखे जाने की संभावना है।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के चलते चंडीगढ़ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में 124 पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। मामले में अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई और प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट होगी।















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