नई दिल्ली: रामलीला मैदान के समीप तुर्कमान गेट इलाके में आज तड़के दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद की गई इस कार्रवाई में 17 बुलडोजरों, 15 से अधिक जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल को तैनात किया गया।
आमतौर पर ऐसी कार्रवाई सुबह के समय की जाती है, लेकिन सुरक्षा कारणों और संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने अभियान की शुरुआत तड़के करीब 1:30 बजे की। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास और रामलीला मैदान की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने सामुदायिक भवन (बारात घर), डिस्पेंसरी और कुछ व्यावसायिक ढांचों को हटाना था।
पथराव से बिगड़ी स्थिति, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
जैसे ही अवैध ढांचों को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस व निगम कर्मियों पर पथराव कर दिया। इस दौरान 5 पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया।
9 जिलों के डीसीपी तैनात, 70 डंपरों से मलबा हटाया गया
अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली के 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था। मलबा हटाने के लिए 70 से अधिक डंपरों का इस्तेमाल किया गया, जबकि करीब 150 से ज्यादा एमसीडी कर्मचारी पूरे अभियान में जुटे रहे।
तुर्कमान गेट की ओर बैरिकेडिंग को लेकर भी लोगों ने नारेबाजी की और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेशों के अनुरूप की गई है और आगे भी सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।











Total Users : 291259
Total views : 493518