July 13, 2026 4:28 am

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पंजाब राजभवन में बड़ा बदलाव राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के ADC गौरव मलिक ने छोड़ा पद

गुरुग्राम की निजी कंपनी जॉइन करने की चर्चा

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 18 मई: पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक Gulab Chand Kataria के एडीसी (एड-डी-कैंप) गौरव मलिक ने अपना पद छोड़ दिया है। प्रशासनिक और राजभवन से जुड़े हलकों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि गौरव मलिक लंबे समय से राज्यपाल के साथ जुड़े हुए थे और उनकी कार्यशैली को लेकर भी अच्छी पहचान रखते थे।

कई वर्षों से राज्यपाल के साथ निभा रहे थे अहम जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार गौरव मलिक पिछले कई वर्षों से राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ एडीसी के पद पर तैनात थे। राज्यपाल के विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों, आधिकारिक दौरों और सुरक्षा समन्वय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। राजभवन के अंदरूनी कार्यों और प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियों को भी वह लंबे समय से संभाल रहे थे।

एयरफोर्स में रहे शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी
जानकारी के मुताबिक गौरव मलिक भारतीय वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी रह चुके हैं। सैन्य पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें अनुशासन और प्रशासनिक समन्वय का अच्छा अनुभव था। इसी अनुभव के चलते उन्हें राजभवन में भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

एक्सटेंशन पर दे रहे थे सेवाएं
सूत्र बताते हैं कि गौरव मलिक वर्तमान में एक्सटेंशन पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अगले वर्ष उनकी रिटायरमेंट प्रस्तावित थी, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने एडीसी का पद छोड़ने का फैसला लिया। उनके इस निर्णय को लेकर प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

हरियाणा के जींद जिले से रखते हैं संबंध
गौरव मलिक मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के एक गांव से संबंध रखते हैं। अपने शांत स्वभाव और कार्यशैली के कारण वह राजभवन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अच्छी पहचान रखते थे।
गुरुग्राम की बड़ी बिल्डर कंपनी जॉइन करने की चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गौरव मलिक ने गुरुग्राम स्थित एक बड़ी बिल्डर कंपनी में अधिकारी के तौर पर जॉइन कर लिया है। हालांकि कंपनी का नाम अभी सामने नहीं आया है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल राजभवन या संबंधित पक्ष की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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