June 5, 2026 5:29 am

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PANCHKULA NEWS: पूर्व वर्ल्ड नंबर-1, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारतीय बैडमिंटन की सुपरस्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल पहुंची पंचकूला

बैडमिंटन को देश का दूसरा सबसे पसंदीदा खेल बताया

कहा: बच्चों को मोबाइल कम दें, उन्हें रनिंग और एक्सरसाइज की आदत डालें

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
पंचकूला, 24 मई। पूर्व वर्ल्ड नंबर-1, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारतीय बैडमिंटन की सुपरस्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल रविवार को पंचकूला पहुंची। इस दौरान उन्होंने भारतीय बैडमिंटन के मौजूदा प्रदर्शन, युवा खिलाड़ियों, मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अपने करियर के अनुभवों को लेकर खुलकर बात की।
ओलंपियन साइना नेहवाल ने अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि जब वह सिर्फ 13 साल की थीं तब पंचकूला में एक टूर्नामेंट खेलने आई थीं और उस प्रतियोगिता को जीतने में भी सफल रही थीं।

साइना नेहवाल ने बैडमिंटन को देश का दूसरा सबसे पसंदीदा खेल बताया। साइना नेहवाल ने कहा कि“सुपरस्टार बनना आसान नहीं होता। इसके पीछे कई सालों की मेहनत लगती है। मैंने लगातार 10 से 15 साल तक मेहनत की, तभी ये मुकाम हासिल कर पाई।
पंचकूला के सेक्टर 20 में एक योनेक्स शोरूम “आर्गेलिया डिजाइन” के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थी।ओलंपियन साइना नेहवाल ने भारतीय बैडमिंटन के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि पहले जो नतीजे भारत को मिल रहे थे, अब उन्हें दोहराने के लिए खेल में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने माना कि कहीं न कहीं कमियां हैं जिन्हें पहचानकर दूर करना होगा।

10 साल पहले जैसे रिजल्ट आ रहे थे, हम लगातार जीत रहे थे। अब जो गलतियां हो रही हैं उन्हें सुधारने की जरूरत है। खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं लेकिन रिजल्ट और बेहतर आने चाहिए।

ओलंपियन साइना नेहवाल ने भारतीय खिलाड़ियों पी वी संधू, किदांबी श्रीकांत और एच एस प्रणय की तारीफ करते हुए कहा कि वे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और भविष्य में और बेहतर परिणाम लेकर आएंगे।
उन्होंने बैडमिंटन में अधिक लीग शुरू करने की भी वकालत की ताकि बच्चों का खेल के प्रति आकर्षण बना रहे।
नेहवाल के कफ की“मैं चाहती हूं कि बैडमिंटन में और लीग आएं ताकि बच्चों का इंटरेस्ट बना रहे और ज्यादा खिलाड़ी आगे निकलकर आएं।
आज की पीढ़ी और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए साइना ने माता-पिता को बच्चों को ज्यादा समय खेल और फिटनेस के लिए देने की सलाह दी।
आजकल बहुत डिस्ट्रैक्शन हैं। मैं पेरेंट्स से कहूंगी कि बच्चों को मोबाइल कम दें, उन्हें रनिंग और एक्सरसाइज की आदत डालें। बच्चे आज ज्यादा फ्रैजाइल हो रहे हैं, उन्हें और मेहनत करनी होगी।
साइना नेहवाल ने अपने करियर और सफलता का श्रेय साइना ने अपने माता-पिता और अपने कोच पुलेला गोपीचंद को दिया।
उन्होंने कहा कि गोपी सर खिलाड़ियों के लिए सुबह 3 बजे से रात 8 बजे तक स्टेडियम में मेहनत करते थे। हर बच्चे में एक साइना है। अगर मैं वर्ल्ड नंबर-1 बन सकती हूं तो हर बच्चा बन सकता है। मेरा सपना है कि मैं हमेशा बैडमिंटन से जुड़ी रहूं, चाहे कोचिंग के जरिए हो या मोटिवेशनल टॉक्स के जरिए।
पंचकूला पहुंचीं साइना नेहवाल ने अपने अनुभवों के जरिए युवाओं को मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का संदेश दिया और भारतीय बैडमिंटन को फिर से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
आर्गेलिया डिज़ाइन स्टूडियो के लिए गर्व का क्षण, बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने किया योनैक्स शोरूम का दौरा।
पंचकूला भारतीय खेल जगत का एक बड़ा नाम और स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में नए योनैक्स शोरूम का दौरा किया।
इस दौरे की खास बात यह रही कि इस शोरूम का आकर्षक और प्रीमियम इंटीरियर डिज़ाइन ‘आर्गेलिया डिज़ाइन स्टूडियो’ (Aryelia Design Studio) द्वारा तैयार किया गया है।
शोरूम में साइना नेहवाल का स्वागत आर्गेलिया डिज़ाइन स्टूडियो की कोर टीम ने किया।
पंचकूला के प्रतिष्ठित समाजसेवी पंकज कपूर और चीना कपूर ने भी ओलंपियन साइना नेहवाल का भव्य स्वागत किया।
खेल में उत्कृष्टता (Sports Excellence) और बेहतरीन आर्किटेक्चर के इस मिलन ने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।
साइना ने शोरूम के लेआउट, कलर थीम और खिलाड़ियों के अनुकूल माहौल की प्रशंसा की।आर्गेलिया डिज़ाइन स्टूडियो की टीम ने इस पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि एक ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड (Yonex) के लिए डिज़ाइन करना और फिर देश की सबसे पसंदीदा खिलाड़ी से उसके लिए तारीफ पाना, उनके स्टूडियो के लिए एक मील का पत्थर है।
यह पल उनकी रचनात्मक क्षमता और कस्टमाइज्ड डिज़ाइनिंग की ताकत को साबित करता है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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