June 5, 2026 5:31 am

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CHANDIGARH: CHB मकानों में अतिरिक्त निर्माण पर फिलहाल नहीं चलेगा हथौड़ा

समिति की सिफारिश आने तक ध्वस्तीकरण कार्रवाई स्थगित, हजारों आवंटियों को राहत
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 मई 2026। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में अतिरिक्त निर्माण और डिजाइन में बदलाव करने वाले आवंटियों को बड़ी राहत मिली है। बोर्ड प्रशासन ने फैसला लिया है कि पहले से जारी नोटिसों के आधार पर होने वाली ध्वस्तीकरण कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया जाएगा। यह रोक उस समय तक लागू रहेगी, जब तक इस मामले में गठित समिति अपनी अंतिम सिफारिशें नहीं सौंप देती।
दरअसल, शहर में सीएचबी के विभिन्न सेक्टरों और कॉलोनियों में वर्षों से लोग अपनी जरूरत के अनुसार मकानों में बदलाव करते रहे हैं। कहीं अतिरिक्त कमरे बनाए गए, तो कहीं बालकनी कवर कर दी गई या घरों के आगे-पीछे निर्माण कर लिया गया। इन निर्माणों को लेकर बोर्ड की ओर से समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते रहे हैं और कई मामलों में ध्वस्तीकरण कार्रवाई भी हुई थी।

हालांकि, बड़ी संख्या में आवंटियों ने बोर्ड प्रशासन के समक्ष अपील करते हुए कहा था कि कई निर्माण वर्षों पुराने हैं और परिवार की जरूरतों के अनुसार किए गए हैं। इसके अलावा लोगों ने इन निर्माणों को नियमित करने की मांग भी उठाई थी। लगातार मिल रहे अभ्यावेदनों के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया।

इसी के चलते यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक की मंजूरी के बाद 11 मई 2026 को एक विशेष समिति का गठन किया गया। इस समिति की अध्यक्षता सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। समिति का मुख्य उद्देश्य आवासीय इकाइयों में किए गए निर्माण परिवर्तनों और अतिरिक्त निर्माणों की समीक्षा करना तथा यह तय करना है कि किन मामलों को नियमित किया जा सकता है।

सीएचबी प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों को अंतिम रूप दिए जाने तक पहले से जारी नोटिसों के आधार पर किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले के बाद हजारों आवंटियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से लोग अपने मकानों पर कार्रवाई की आशंका को लेकर चिंतित थे।
जानकारों का मानना है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की भविष्य की नीति स्पष्ट होगी। संभावना जताई जा रही है कि छोटे स्तर के निर्माण परिवर्तनों को नियमित करने के लिए नई नीति बनाई जा सकती है, जबकि बड़े और नियमों के विपरीत निर्माणों पर सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
शहर में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि सीएचबी मकानों में लोगों की बढ़ती जरूरतों और बदलती जीवनशैली को देखते हुए व्यवहारिक नीति बनाई जाए। ऐसे में बोर्ड द्वारा ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगाने के फैसले को एक संतुलित कदम माना जा रहा है।
अब आवंटियों और रेजिडेंट्स की नजर समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि उसी के आधार पर यह तय होगा कि भविष्य में अतिरिक्त निर्माणों को लेकर बोर्ड का रुख क्या रहेगा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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