रमेश गोयत
चंडीगढ़, 26 मई। चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति के उल्लंघन को लेकर शराब कारोबारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर-कम-एक्साइज कमिश्नर निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में शहर के सभी शराब लाइसेंस धारकों की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आबकारी नीति के पालन और हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए मामलों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने उस वायरल सोशल मीडिया रील का गंभीर संज्ञान लिया, जिसमें एक शराब विक्रेता द्वारा ब्रांड प्रमोशन के नाम पर मुफ्त में शराब परोसी जाती दिखाई दी थी। प्रशासन ने इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
निशांत कुमार यादव ने साफ शब्दों में कहा कि आबकारी नीति के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी लाइसेंस धारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि नियम तोड़ने पर संबंधित ठेके का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे कारोबारियों को भविष्य में लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
बैठक में शराब की न्यूनतम निर्धारित बिक्री कीमत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया। प्रशासन ने सभी लाइसेंस धारकों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित रेट से कम कीमत पर शराब की बिक्री न करें। यदि कोई विक्रेता तय मूल्य से छेड़छाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ आबकारी नीति के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसके अलावा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आबकारी विभाग ने शराब के स्टॉक की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रियल-टाइम स्टॉक अपडेटेशन सिस्टम लागू किया है। सभी लाइसेंस धारकों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित पोर्टल पर अपने स्टॉक का समय पर और सही अपडेट दर्ज करें, ताकि विभाग प्रभावी निगरानी कर सके।
बैठक के अंत में डिप्टी कमिश्नर-कम-एक्साइज कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन स्वस्थ और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के पक्ष में है, लेकिन सार्वजनिक हित, कानून व्यवस्था और आबकारी नीति के खिलाफ जाने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ में सड़क पर शराब परोसने के वायरल वीडियो के बाद सख्ती
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 मार्केट में खुलेआम सड़क पर शराब परोसने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मामले में संबंधित शराब ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने शहर के सभी शराब लाइसेंस धारकों की आपात बैठक बुलाकर साफ चेतावनी दी कि आबकारी नीति का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उन्हें भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
पूरा विवाद शनिवार को उस समय शुरू हुआ जब सेक्टर-9 स्थित एक शराब ठेके के बाहर लोगों को बर्फ के गोलों में शराब मिलाकर मुफ्त में बांटी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर इकट्ठा हुए और शराब वाले बर्फ के गोले लेते दिखाई दिए। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो खुद ठेकेदार की ओर से इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था। वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट को हटा लिया गया, लेकिन तब तक मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में आ चुका था।
घटना के बाद शहर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब परोसने को कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा के खिलाफ बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर-कम-एक्साइज कमिश्नर निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस वायरल सोशल मीडिया रील का विशेष रूप से जिक्र किया गया। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि ब्रांड प्रमोशन के नाम पर किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में निशांत कुमार यादव ने सभी लाइसेंस धारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि आबकारी नीति के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर संबंधित ठेके का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। साथ ही ऐसे कारोबारियों को भविष्य की लाइसेंस प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन ने शराब की न्यूनतम निर्धारित बिक्री कीमत को लेकर भी सख्ती दिखाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तय रेट से कम कीमत पर शराब बेचने या किसी प्रकार का अवैध प्रमोशनल ऑफर चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
इसके अलावा आबकारी विभाग ने शराब के स्टॉक की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए रियल-टाइम स्टॉक अपडेटेशन सिस्टम की जानकारी भी दी। सभी लाइसेंस धारकों को निर्देश दिए गए कि वे पोर्टल पर अपने स्टॉक की सही और समय पर जानकारी अपडेट करें।
प्रशासन ने साफ किया कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का स्वागत है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराब परोसने, सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने और आबकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।













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