रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 मई 2026: हिमाचल प्रदेश के कसौली क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग पर भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से काफी हद तक काबू पा लिया गया है। गिल्बर्ट ट्रेल और अपर मॉल क्षेत्र में भड़की इस आग को बुझाने के लिए सेना ने लगातार 15 घंटे से अधिक समय तक रातभर अभियान चलाया।

जानकारी के अनुसार 26 मई को दोपहर करीब 3 बजे कसौली के पश्चिमी ढलानों पर आग भड़क उठी थी, जिसके बाद भारतीय सेना की कसौली ब्रिगेड ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में आग तेजी से फैल रही थी, जिसे रोकने के लिए सेना, फायर ब्रिगेड और स्थानीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया।
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने चंडीगढ़ की सुखना लेक से पानी भरकर कई बार “बम्बी बकेट” सॉर्टीज़ के जरिए हवाई अग्निशमन अभियान चलाया। हेलीकॉप्टरों द्वारा लगातार पानी की बौछार किए जाने से गिल्बर्ट हिल और अपर मॉल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आग को फैलने से रोकने में बड़ी सफलता मिली।
जमीनी स्तर पर सेना के जवानों ने फायर टेंडरों और जल वाहनों के साथ मिलकर फायरब्रेक तैयार किए तथा संवेदनशील इलाकों को अलग-थलग कर आग की रफ्तार को नियंत्रित किया। सेना के लड़ाकू और गैर-लड़ाकू दोनों प्रकार के कर्मचारी लगातार कठिन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।
अधिकारियों के अनुसार दुर्गम क्षेत्रों में अभी भी हवाई अग्निशमन अभियान जारी है और शेष हॉटस्पॉट्स को पूरी तरह बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आग दोबारा न भड़क सके। राहत की बात यह रही कि इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी नागरिक, राहतकर्मी या सेना के जवान के घायल होने अथवा किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
इस बीच पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेन्द्र सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर मौके पर चल रहे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने जवानों और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
भारतीय सेना ने कहा कि यह अभियान सशस्त्र बलों की उच्च स्तरीय ऑपरेशनल तैयारी, अंतर-एजेंसी तालमेल और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों, पर्यावरण और संपत्ति की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।













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