June 5, 2026 8:51 am

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हरियाणा में गैर-सरकारी चैयरमेन और उप चेयरमैनो के लिए एकीकृत सेवा शर्तें लागू

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 मई — हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों, वैधानिक आयोगों और संवैधानिक निकायों को छोड़कर अन्य बोर्डों, निगमों और संस्थाओं में नियुक्त किए जाने वाले गैर-सरकारी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, वाइस-चेयरपर्सन एवं सदस्यों के लिए एकीकृत सेवा शर्तें लागू कर दी हैं। सरकार का कहना है कि इस नई नीति का उद्देश्य नियुक्तियों में पारदर्शिता, एकरूपता और प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित करना है।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार वर्ष 2017 में जारी मूल दिशा-निर्देशों के साथ-साथ 2019 और 2021 में किए गए संशोधनों को अब एकीकृत ढांचे में शामिल किया गया है। इससे सभी विभागों और निकायों में समान नियम लागू होंगे और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
नई व्यवस्था के तहत अध्यक्ष या चेयरपर्सन का प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। सरकार ने अध्यक्षों के लिए अधिकतम 75 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया है, जबकि उपाध्यक्ष और वाइस-चेयरपर्सन को अधिकतम 45 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। नियमित जिम्मेदारियां निभाने वाले सदस्यों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिया जाएगा।
सरकार ने इन पदाधिकारियों के लिए कई सुविधाओं का भी प्रावधान किया है। अध्यक्षों को अधिकतम 50 हजार रुपये प्रतिमाह और उपाध्यक्षों को 45 हजार रुपये प्रतिमाह तक मकान किराया भत्ता दिया जा सकेगा। इसके अलावा टेलीफोन, मोबाइल फोन, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता और चिकित्सा सुविधाएं हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत ग्रुप-ए अधिकारियों के समान उपलब्ध कराई जाएंगी।
नई नीति के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के समकक्ष स्टाफ कार और चालक की सुविधा भी दी जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी निजी वाहन का उपयोग करता है तो उसे निर्धारित सीमा तक रोड माइलेज भत्ता भी मिलेगा।
सरकार ने निजी सचिव या व्यक्तिगत सहायक, क्लर्क, चपरासी और होम पियून जैसी स्टाफ सुविधाओं का भी प्रावधान किया है। यह स्टाफ अनुबंध आधार पर नियुक्त होगा और उनका कार्यकाल संबंधित पदाधिकारी के कार्यकाल के साथ समाप्त माना जाएगा।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ये प्रावधान उन मामलों में लागू होंगे जहां पहले से कोई विशेष नियम या विनियम मौजूद नहीं हैं। साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि निर्धारित प्रावधानों में किसी प्रकार की छूट या बदलाव के अनुरोध पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा।
नई नीति में एक विशेष प्रावधान यह भी किया गया है कि यदि किसी निकाय में मुख्यमंत्री को अध्यक्ष या चेयरपर्सन नामित किया जाता है, तो उस निकाय के उपाध्यक्ष या वाइस-चेयरपर्सन को अध्यक्ष स्तर की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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