न्यूज़ीलैंड भेजने का झांसा देकर लाखों की ठगी, सेक्टर-26 पुलिस ने 2 बड़े एजेंट दबोचे
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 मई। विदेश भेजने और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले इमिग्रेशन गिरोह का चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कथित इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स को गिरफ्तार किया है, जिन पर न्यूज़ीलैंड में नौकरी और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और वे लंबे समय से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठग रहे थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 44 वर्षीय युवराज सोबती निवासी सेक्टर-123 सनी एन्क्लेव मोहाली तथा 41 वर्षीय हरनीत वालिया निवासी फेज-6 मोहाली के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सेक्टर-26 स्थित “एम/एस ट्रूवे कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड” नामक इमिग्रेशन फर्म चला रहे थे। यह कार्यालय माय सोहो वर्कस्पेस, टिंबर मार्केट में संचालित किया जा रहा था।
नौकरी, वर्क परमिट और वीजा का दिया झांसा
मामले का खुलासा तब हुआ जब बबीता नामक महिला ने अपने भाई विवेक कुमार की ओर से सेक्टर-26 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने न्यूज़ीलैंड में नौकरी दिलाने, वर्क परमिट जारी करवाने, वीजा फाइलिंग और अन्य दस्तावेज तैयार कराने का भरोसा देकर बड़ी रकम ऐंठ ली।
पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया गया कि कुछ ही महीनों में विदेश भेज दिया जाएगा और वहां अच्छी नौकरी भी मिल जाएगी। आरोपियों ने कथित तौर पर प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन, वीजा और नौकरी की औपचारिकताओं के नाम पर लगातार पैसे लिए। जब पीड़ितों ने लंबे समय तक कोई प्रगति नहीं देखी और संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में उनका दफ्तर बंद मिला और मोबाइल फोन भी बंद आने लगे।
करीब 60 लाख रुपये की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता समेत कई लोगों से लगभग 59 लाख 92 हजार रुपये की ठगी की है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि ठगी का वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। पुलिस अब बैंक खातों, लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने।
गुप्त सूचना पर दबिश, दोनों आरोपी गिरफ्तार
एफआईआर दर्ज होने के बाद सेक्टर-26 थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पहले से दर्ज हैं कई केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी इमिग्रेशन फ्रॉड और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इनमें फरवरी 2025, नवंबर 2025, दिसंबर 2025 और मई 2026 में दर्ज एफआईआर शामिल हैं। सभी मामलों में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से बड़ी रकम लेने और बाद में धोखा देने के आरोप लगाए गए हैं।
बढ़ते इमिग्रेशन फ्रॉड पर पुलिस सख्त
चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि शहर में अवैध इमिग्रेशन कंपनियों और फर्जी एजेंटों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने के लिए किसी भी एजेंट या कंपनी को पैसा देने से पहले उसकी सरकारी मान्यता और रिकॉर्ड की जांच जरूर करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में नौकरी और स्थायी निवास के बढ़ते आकर्षण का फायदा उठाकर कई फर्जी एजेंट भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर इस इमिग्रेशन घोटाले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।













Total Users : 333363
Total views : 554175