हाईकोर्ट का फैसला लागू करने की उठी मांग, 12 हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने की लगाई गुहार
रमेश गोयत
चंडीगढ़/पानीपत, 31 मई। हरियाणा में पिछले लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे गेस्ट टीचरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गेस्ट टीचरों को नियमित करने को लेकर दिए गए फैसले के बाद प्रदेशभर के गेस्ट टीचरों में नई उम्मीद जगी है। इसी कड़ी में रविवार को पानीपत में प्रदेश के सैकड़ों गेस्ट टीचर हरियाणा के शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda महिपाल ढांडा से मिले और कोर्ट के आदेश को जल्द लागू करने की मांग उठाई।
गेस्ट टीचरों ने शिक्षा मंत्री के सामने अपनी वर्षों पुरानी समस्याएं रखते हुए कहा कि वे लंबे समय से बेहद कम वेतन और अस्थिर नौकरी के बीच शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। कई शिक्षक 15 से 20 वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल पाया है। शिक्षकों ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार को बिना देरी किए नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
“अब नहीं रहा कोई बड़ा अड़ंगा” : शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
गेस्ट टीचरों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचरों को नियमित करने में अब कोई बड़ा अड़ंगा नहीं बचा है और सरकार इस दिशा में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini नायब सिंह सैनी से मंगलवार को चंडीगढ़ में विशेष चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद जल्द ही कोई ठोस समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और गेस्ट टीचरों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने दी जानकारी
गेस्ट टीचरों के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने बताया कि प्रदेश के लगभग 12 हजार गेस्ट टीचर पिछले कई वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को दो महीने के भीतर गेस्ट टीचरों को नियमित करने को लेकर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब सरकार को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर लगातार प्रदेश के नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात कर अपनी मांग रख रहे हैं ताकि सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाया जा सके। डॉ. लोहान ने कहा कि यदि सरकार सकारात्मक कदम उठाती है तो हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
तीन दिनों में कई बड़े नेताओं से मिले गेस्ट टीचर
गेस्ट टीचरों ने अपनी मांग को लेकर पिछले तीन दिनों में प्रदेश और केंद्र के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से करनाल में मुलाकात कर नियमितीकरण की मांग उठाई। इसके अलावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से पानीपत में भी विस्तार से चर्चा की गई।
गेस्ट टीचरों ने केंद्रीय मंत्री Krishan Pal Gurjar कृष्णपाल गुर्जर से फरीदाबाद में, कैबिनेट मंत्री Krishan Kumar Bedi कृष्ण बेदी से चंडीगढ़ में, विधानसभा अध्यक्ष Harvinder Kalyan हरविंद्र कल्याण से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखी।
इसके अलावा बिजली मंत्री Anil Vij अनिल विज से अंबाला में, कैबिनेट मंत्री Ranbir Gangwa रणबीर गंगवा से बरवाला में, राज्यसभा सांसद Subhash Barala सुभाष बराला से टोहाना में भी गेस्ट टीचरों ने मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री Gaurav Gautam गौरव गौतम, विधायक कंवर सिंह, विधायक ओमप्रकाश यादव, विधायक चौधरी इलियास खान, विधायक निखिल मदान, विधायक हरेंद्र रामरतन और कैबिनेट मंत्री Vipul Goel विपुल गोयल सहित कई जनप्रतिनिधियों से भी समर्थन मांगा।
नियमितीकरण की मांग को लेकर बढ़ रहा दबाव
प्रदेशभर में गेस्ट टीचरों द्वारा लगातार नेताओं से मुलाकात और समर्थन जुटाने के प्रयासों के चलते सरकार पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। गेस्ट टीचरों का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के फैसले को जल्द लागू किया जाता है तो इससे न केवल हजारों शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी बल्कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
गेस्ट टीचरों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री जल्द सकारात्मक फैसला लेकर वर्षों से लंबित इस मामले का समाधान करेंगे।













Total Users : 333266
Total views : 554035