July 25, 2026 12:36 pm

July 25, 2026 12:36 pm

PANCHKULA:शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने उच्चतर व मौलिक शिक्षा विभाग का किया औचक निरीक्षण

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को दी चेतावनी

कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- महीपाल ढांडा

15 दिनों में होगी कार्यों की समीक्षा, लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई

सभी विभागों का डाटा प्रतिदिन होगा ऑनलाइन, पेंडिंग कार्यों को एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश

रमेश गोयत
पंचकूला , 1 जून- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा सोमवार को एक्शन मोड में नजर आए। प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से उन्होंने आज पंचकूला स्थित उच्चतर शिक्षा विभाग और मौलिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कार्यालयों की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति व फाइलों के निपटान की स्थिति को देखा।

कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री  महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनता और पात्र लाभार्थियों के काम समय पर होने चाहिए। इसके लिए सभी कर्मचारी और अधिकारी तय समय सीमा के भीतर अपने कार्यों का निर्वहन करें। आम जनता को अपने काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने चेताया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोताही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ स अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

डाटा प्रतिदिन करें ऑनलाइन, लंबित मामले एक सप्ताह में हों हल
डिजिटलाइजेशन और आधुनिक कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके विभागों का सारा डाटा प्रतिदिन अनिवार्य रूप से ऑनलाइन अपडेट होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान सामने आए लंबित मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि जो भी उत्तर या फाइलें लंबे समय से पेंडिंग हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर हर हाल में अपडेट कर लिया जाए। यदि तय समय सीमा के अंदर पेंडिंग कार्य पूरे नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों पर भी गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि विभाग के कर्मचारियों के मेडिकल बिल तय समय सीमा के भीतर पास हो जाने चाहिए। कर्मचारियों को उनके हक के पैसों के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। श्री ढांडा ने कहा कि यदि मेडिकल बिलों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पाई गई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभागाध्यक्ष और संबंधित पटल के कर्मचारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

हर 15 दिन में होगा कार्यों का रिव्यू
प्रशासनिक सुधार और निगरानी तंत्र को मजबूत करने
के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल एक बार का निरीक्षण नहीं है, बल्कि वह खुद हर 15 दिन में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों का बारीकी से समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि पाक्षिक समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने काम के प्रति लापरवाह पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक जितेंद्र दहिया और उच्चर शिक्षा विभाग के निदेशक एस नारायणन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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