September 12, 2026 1:32 am

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चंडीगढ़: पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर देशभर में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर, चंडीगढ़ में भी जोरदार प्रदर्शन

मार्च 2024 में हुए समझौते को लागू नहीं करने पर जताया रोष, बैंक स्क्वायर सेक्टर-17 में कर्मचारियों और अधिकारियों ने की नारेबाजी
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 11 सितंबर। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने समेत लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी अखिल भारतीय हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल का असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिला। शहर के बैंक स्क्वायर, सेक्टर-17 में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी एकत्र हुए तथा अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
यूनियन नेताओं ने हड़ताल को देशव्यापी स्तर पर व्यापक और सफल बताते हुए कहा कि कर्मचारियों को अपनी न्यायोचित मांगों के लिए हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनका कहना है कि मांगों को लेकर औपचारिक समझौते और कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू नहीं की गई है।
मार्च 2024 के समझौते को लागू करने की मांग
स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनियन नेता इकबाल सिंह माल्ही ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद इस व्यवस्था को लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि जब किसी मांग पर समझौता हो चुका हो और उसके बाद भी उसका क्रियान्वयन नहीं किया जाए तो कर्मचारियों में स्वाभाविक रूप से असंतोष पैदा होता है। इसी के चलते बैंक कर्मचारियों को सामूहिक रूप से हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा

शनिवार को छुट्टी, रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार
यूनियन नेताओं ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह देश के अनेक सरकारी और महत्वपूर्ण संस्थानों में पहले से लागू है। केंद्र सरकार के कार्यालयों में वर्ष 1985 से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इसके अलावा राज्य सरकारों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर विभाग, शेयर बाजार, भारतीय रिजर्व बैंक और एलआईसी जैसे संस्थानों में भी पांच दिन काम करने की व्यवस्था है।
बैंक यूनियनों का कहना है कि बैंक कर्मचारी शेष शनिवारों को अवकाश देने के बदले प्रत्येक कार्यदिवस में बैंकिंग और कार्य समय को 40 मिनट बढ़ाने पर सहमत हैं। इससे सप्ताह के कुल उपलब्ध बैंकिंग समय में कमी नहीं आएगी।

डिजिटल बैंकिंग से ग्राहकों को सातों दिन सुविधा
यूनियन प्रतिनिधियों ने यह भी तर्क दिया कि आज बैंकिंग सेवाएं केवल शाखाओं तक सीमित नहीं हैं। एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों के कारण ग्राहक सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे अनेक बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नेताओं ने कहा कि इसलिए शनिवार को शाखाओं में अवकाश किए जाने से ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानी को वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
हड़ताल में एक दिन का वेतन भी त्याग रहे कर्मचारी
यूनियन नेताओं ने हड़ताल के एक महत्वपूर्ण पहलू का उल्लेख करते हुए कहा कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों के उस दिन का वेतन काटा जाता है। यानी शुक्रवार की हड़ताल में शामिल प्रत्येक बैंककर्मी ने अपनी सामूहिक मांग के समर्थन में एक दिन का वेतन त्याग किया है।
उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सहित लंबित मुद्दों को लेकर कर्मचारियों में कितना गंभीर असंतोष है।

PLI व्यवस्था पर भी जताई आपत्ति
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के अलावा UFBU ने एकतरफा और भेदभावपूर्ण PLI व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है। यूनियनों ने मांग की है कि PLI से संबंधित किसी भी बदलाव अथवा क्रियान्वयन से पहले बैंक कर्मचारी संगठनों और एसोसिएशनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जाए। इसके साथ ही बैंकिंग उद्योग के अन्य लंबित मुद्दों का भी समाधान करने की मांग की गई।

आगे भी आंदोलन की चेतावनी
UFBU ने कहा है कि यदि लंबित मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को आगे की अखिल भारतीय हड़तालों तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है।
यूनियन नेताओं ने सरकार और IBA से अपील की कि अभी भी सार्थक बातचीत के माध्यम से मांगों का समाधान कर आगे की औद्योगिक कार्रवाई को टाला जा सकता है।

सेक्टर-17 में जुटे कई बैंक यूनियन नेता
बैंक स्क्वायर सेक्टर-17 में आयोजित प्रदर्शन में प्रियव्रत, इकबाल सिंह माल्ही, जगदीश राय, पंकज शर्मा, क्रांति राय, संतोष सिन्हा, गुरबक्स सिंह, बीएस गिल, सचिन कटियार, अमनदीप, युगेश कुमार, विभोर, राजीव, अजय गैपुरिया, संजय महाजन, मुकेश, एसएस भाटिया, शीना हुडा, मंजू शर्मा, सुमन सांगवान, राजेश कौशल, ऋषि उपाध्याय, नरेंद्र कुमार, प्रेम पवार, विनय कुमार, गरूण शर्मा, आरएस वालिया सहित कई UFBU नेता और बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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