प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश, पिछले शिविरों की 234 शिकायतों में अब सिर्फ 19 लंबित
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 11 सितंबर। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए चलाए जा रहे समाधान शिविरों की कड़ी में शुक्रवार को मनीमाजरा में चौथे समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिवालिक गार्डन के निकट कम्युनिटी सेंटर में आयोजित शिविर में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
शिविर में मनीमाजरा के निवासियों की ओर से कुल 83 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें नागरिक सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, पेयजल, बिजली, सड़कों, स्ट्रीट लाइट, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, ठोस कचरा प्रबंधन, पार्किंग और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
अधिकारियों ने मौके पर सुनीं समस्याएं
समाधान शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। लोगों ने बारी-बारी से प्रशासक के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। संबंधित विभागों की टीमों ने शिकायतों को दर्ज करने के साथ-साथ कई मामलों में मौके पर ही स्थिति स्पष्ट की और समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
प्रशासन के अनुसार, कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर आगे कार्रवाई की आवश्यकता है, उन्हें संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए भेजा गया है।

पिछली 234 शिकायतों में अब केवल 19 लंबित
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शिविर के दौरान पिछले समाधान शिविरों की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में आयोजित समाधान शिविरों में कुल 234 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से अब लगभग 19 शिकायतें ही लंबित हैं।
उन्होंने लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। प्रशासक ने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और अंतिम निपटारे तक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

नागरिकों के साथ सीधे संवाद पर जोर
कटारिया ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य प्रशासन को नागरिकों के और करीब लाना है। उन्होंने जवाबदेही, अंतर-विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी को प्रभावी प्रशासन के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें तो स्थानीय समस्याओं का समाधान अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उन्होंने मनीमाजरा के निवासियों को भरोसा दिलाया कि बुनियादी ढांचे से संबंधित अधिकांश समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक विकास कार्य भी शीघ्र शुरू किए जाएंगे।

जनता दरबार में भी शिकायतें रखने की अपील
प्रशासक ने नागरिकों से यूटी सचिवालय में आयोजित होने वाले साप्ताहिक जनता दरबार में भी अपनी समस्याएं रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित करता रहेगा, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के लिए सीधे प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच मिल सके।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में नीतिगत निर्णय लेने अथवा भारत सरकार के गृह मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होती है। ऐसे मामलों में स्वाभाविक रूप से अधिक समय लग सकता है। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे विषयों को संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है।

शिक्षा और खेल की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
प्रशासक ने चंडीगढ़ में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने सरकारी विद्यालयों के बेहतर प्रदर्शन तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को परामर्श और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए चल रही पहलों की जानकारी दी।
उन्होंने चंडीगढ़ खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को प्रदान किए जा रहे नकद पुरस्कारों और छात्रवृत्तियों का भी उल्लेख किया। कटारिया ने कहा कि प्रशासन इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने और भविष्य में और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रयासों को तेज करेगा।
शिविर में चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी, यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, चंडीगढ़ पुलिस के महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।















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