रमेश गोयत
पंचकूला, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा उद्यानिकी विभाग द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद्, किसान, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्राकृतिक से प्रेरित – जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रकृति आधारित विकास को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान वन विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में लगभग डेढ़ करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 50 लाख पौधे आम नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे, ताकि हर व्यक्ति हरित हरियाणा अभियान का भागीदार बन सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का “पौधागिरी अभियान” भी बड़े स्तर पर जारी रहेगा, जिसके तहत प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को 20 लाख पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि वन विभाग की नर्सरियों में पौधों की तैयारी के लिए अब पॉलीथीन थैलियों की जगह जैव-अपघटनीय (बायोडिग्रेडेबल) थैलियों का उपयोग किया जाएगा। इससे प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण वित्तीय घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि भिवानी चिड़ियाघर के नवीनीकरण और विकास के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं कुरुक्षेत्र स्थित सरस्वती संरक्षण विहार और विभिन्न पक्षी विहारों के निर्माण एवं नवीनीकरण पर 55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य में पक्षी-दर्शन पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और नवीनीकरण के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी तथा प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनके साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मेरिग्लियो, जाईका-इंडिया के चीफ रिप्रेजेंटेटिव ताकेउची ताकुरो, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार तथा गृह, पर्यावरण, वन एवं वन्य प्राणी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी पौधारोपण किया।
समारोह में वन विभाग की प्रचार एवं प्रशिक्षण शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण, वन एवं वन्यजीव संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और जल संरक्षण विषयों पर आधारित एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में विभाग की उपलब्धियों और जन-जागरूकता गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।













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