केयरटेकर ही बन रहे कातिल, लालच में रक्षक ही बन रहे भक्षक
रमेश गोयत
चंडीगढ़/पंचकूला, 4 अगस्त। ट्राईसिटी में अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। पंचकूला के सेक्टर-21 में 70 वर्षीय महिला की हत्या ने यह चिंता और बढ़ा दी है कि जिन लोगों पर बुजुर्ग अपनी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपते हैं, कई मामलों में वही विश्वासघात कर रहे हैं। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की वर्षों पुरानी केयरटेकर (नौकरानी) ने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
10 साल से काम कर रही थी नौकरानी, चोरी के शक में पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार सेक्टर-21 निवासी 70 वर्षीय महिला घर में अकेली रहती थीं, जबकि उनके बच्चे विदेश में रहते हैं। घर में करीब 10 वर्षों से काम कर रही नौकरानी पर महिला को जेवर गायब होने का शक था। इसी सिलसिले में वह सोमवार को नौकरानी के घर पूछताछ करने गई थीं। इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं।
दोपहर बाद जब उनके पति घर लौटे तो महिला के लापता होने की जानकारी मिली। तलाश शुरू होने पर पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान पुलिस नौकरानी के घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। आसपास के मकानों की छानबीन में पड़ोसी की छत पर टूटे हुए मार्बल के टुकड़ों के नीचे महिला का शव बरामद हुआ।
हत्या के बाद शव छिपाने की कोशिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे पड़ोसी की छत पर ले जाकर मार्बल के टूटे टुकड़ों के नीचे छिपा दिया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नौकरानी, उसके पति और बेटे को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच में जुटी पुलिस
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। हत्या के पीछे लूट, चोरी के शक, आपसी विवाद या अन्य किसी वजह की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
ट्राईसिटी में बढ़ रही ऐसी घटनाएं
यह घटना अकेली नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में ट्राईसिटी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां बुजुर्गों के घरेलू सहायकों, केयरटेकरों या परिचित लोगों ने ही विश्वास तोड़ते हुए चोरी, लूट या हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिया। इससे अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों की सलाह
घरेलू नौकर और केयरटेकर का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कराएं।
घर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा अलार्म लगाएं।
कीमती सामान और नकदी की जानकारी सीमित लोगों तक ही रखें।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों से नियमित संपर्क बनाए रखें।
अकेले रहने वाले बुजुर्गों की समय-समय पर कुशलक्षेम लेने की व्यवस्था हो।
भरोसे का कत्ल
पंचकूला की यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे की हत्या भी है। जिस केयरटेकर पर बुजुर्ग महिला ने वर्षों तक विश्वास किया, उसी पर हत्या का आरोप लगना समाज के लिए बड़ा संदेश है। ऐसे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ट्राईसिटी में अकेले रह रहे बुजुर्ग वास्तव में सुरक्षित हैं, या फिर लालच के कारण उनके रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं?












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