डीएसपी की रेड में खुला पुलिस–आरोपी गठजोड़ का मामला
बोला खाना खाने आया था होटल
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 4 अगस्त। करोड़ों रुपये के चर्चित आईडीएफसी बैंक घोटाले के आरोपी विक्रम वधवा से जुड़े मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेशी के बाद सीधे जेल ले जाने के बजाय एक होटल के कमरे में ठहराए जाने की सूचना मिलने पर छापेमारी की। डीएसपी पूनम दिलावारी के नेतृत्व में की गई रेड के दौरान विक्रम वधवा को होटल के कमरे से बरामद कर लिया गया। पुलिस के पूछने पर बताया कि होटल में खाना खाने आया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को कथित रूप से पुलिस हिरासत से भगाने की साजिश रची जा रही थी और इसके लिए कुछ पुलिसकर्मियों पर पैसे लेने के आरोप लगे हैं।
चार लोगों को किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने एसआई जगमेर, एएसआई सुरिंदर, विक्रम वधवा के बेटे कर्ण वधवा और कुणाल वधवा को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह आशंका है कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया से बचाने और कस्टडी से फरार कराने की योजना बनाई गई थी। इसी एंगल से पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
होटल मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां उस होटल के मालिक की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं, जहां विक्रम वधवा ठहरा हुआ मिला। बताया जा रहा है कि होटल संचालक आरोपी का रिश्तेदार है। पुलिस यह पता लगा रही है कि विक्रम पहले भी कितनी बार इस होटल में आया था, किसकी अनुमति से उसे कमरा दिया गया और इस दौरान किस-किस की भूमिका रही।
होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, एंट्री रजिस्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
विक्रम वधवा को भेजा गया जेल
छापेमारी के बाद विक्रम वधवा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों को फिलहाल पुलिस हवालात में रखा गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही अदालत से विक्रम वधवा का दोबारा पुलिस रिमांड मांग सकती है, ताकि पूरे षड्यंत्र, कथित रिश्वत लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा किया जा सके।
जांच कई पहलुओं पर केंद्रित
जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि:
पेशी के बाद आरोपी होटल तक कैसे पहुंचा।
किस पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने इसमें सहयोग किया।
कथित रूप से कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।












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