6 वर्षों में NDPC एक्ट के तहत 6,256 आरोपी गिरफ्तार, 2,353 FIR दर्ज
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 5 जून। हरियाणा पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत संगठित ड्रग नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया है। राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप पिछले छह वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) से संबंधित मामलों में 2,353 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 6,256 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 72.70 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त, फ्रीज अथवा कुर्क की जा चुकी हैं।
*पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक*
यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख संजय कुमार ने पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान दी। इस बैठक में प्रदेश भर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।
वर्ष 2021-2025 के दौरान 1,876 एफआईआर, 3,151 आरोपी गिरफ्तार, नशे से अर्जित संपत्तियों पर भी कड़ा प्रहार
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के दौरान हरियाणा में एनडीपीएस मामलों में वाणिज्यिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) से संबंधित कुल 1,876 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें हरियाणा के रहने वाले 3,151 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नशा तस्करी में संलिप्त आदतन एवं संगठित अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए 156 आरोपियों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर प्रहार करते हुए 432 लोगों के खिलाफ संपत्ति कुर्की (प्रोपर्टी अटैचमेंट) की कार्रवाई की गई।
अन्य राज्यों में सक्रिय आरोपियों की भी निगरानी
इसी प्रकार, वर्ष 2021 से 2025 के दौरान अन्य राज्यों में दर्ज एनडीपीएस मामलों में वाणिज्यिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) में गिरफ्तार हरियाणा के आरोपियों की निगरानी एवं वैरिफिकेशन के लिए 321 आरोपियों का विवरण संबंधित जिलों को भेजा गया।
पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 156 डिटेंशन आदेश जारी
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम, 1988 के अंतर्गत अब तक कुल 156 डिटेनशन (निवारक हिरासत) आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन आदतन एवं संगठित नशा तस्करों के विरुद्ध की गई है, जो लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए गए। इन आदेशों के माध्यम से ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए राज्य में नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास किया गया है।
जल्द शुरू होगा ‘ड्रग फ्री हरियाणा अभियान’
बैठक में सामुदायिक पुलिसिंग व आउटरीच के विशेष अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक अंबाला रेंज पंकज नैन ने बैठक में उदय हरियाणा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश में ड्रग फ्री हरियाणा अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में नशामुक्ति को लेकर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
नशा मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को लेकर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध: डीजीपी, अजय सिंघल
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी तथा समन्वित तरीके से चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसलिए सभी पुलिस इकाइयां नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए संगठित एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में संलिप्त आदतन एवं संगठित अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस, संपत्ति कुर्की तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिलों में प्राप्त सूचनाओं का प्रभावी विश्लेषण कर नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।












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