June 17, 2026 1:29 pm

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चंडीगढ़ में ‘शराब का लंगर’ लगाने पर ठेकेदार पर 7 लाख रुपये की पेनल्टी, ब्रांड प्रमोशन पड़ा भारी

–सेक्टर-7 के रेस्टोरेंट का बार लाइसेंस भी रद्द

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 5 जून। यूटी चंडीगढ़ के आबकारी एवं कराधान विभाग ने शराब के अवैध प्रचार-प्रसार और अनधिकृत तरीके से परोसने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-9 स्थित एक शराब ठेकेदार पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी लाइसेंसधारी को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर-9 के इंटरनल मार्केट में स्थित एक रिटेल शराब विक्रेता द्वारा अपने एक ब्रांड के प्रचार के लिए सार्वजनिक स्थान पर लोगों को शराब परोसी जा रही थी। आरोप है कि लाइसेंसधारी द्वारा “स्मिरनॉफ मिंटी जामुन वोडका” को बर्फ की चुस्की (आइस गोला) में मिलाकर लोगों को मुफ्त या प्रचारात्मक तरीके से परोसा जा रहा था। यह गतिविधि लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर संचालित की जा रही थी, जो आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन है।

ब्रांड की पब्लिसिटी के लिए लगाया गया ‘शराब का लंगर’

सूत्रों के अनुसार, संबंधित ठेकेदार ने शराब के नए फ्लेवर वाले ब्रांड को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से यह प्रचार अभियान चलाया था। हालांकि शराब को सार्वजनिक रूप से इस तरह परोसना और लोगों को आकर्षित करने के लिए खुले में वितरण करना आबकारी कानूनों के तहत प्रतिबंधित है। विभाग की टीम ने मौके पर इस गतिविधि को नोटिस किया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई।

नोटिस के बाद लगी 7 लाख की पेनल्टी

यूटी चंडीगढ़ के एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर निशांत यादव, आईएएस के निर्देशों के तहत मामले की जांच की गई। इसके बाद एक्साइज कलेक्टर प्रधुमन सिंह द्वारा संबंधित लाइसेंसधारी कंपनी एम/एस बजाज स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-9, चंडीगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
लाइसेंसधारी का पक्ष सुनने और पूरे मामले पर विचार करने के बाद एक्साइज कलेक्टर ने कंपनी पर 7 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। विभाग का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल आबकारी नीति का उल्लंघन हैं बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन को भी बढ़ावा देती हैं।

सेक्टर-7 के रेस्टोरेंट का बार लाइसेंस भी रद्द

इसी अभियान के तहत आबकारी विभाग ने एक अन्य कार्रवाई में एम/एस कैंदल हॉस्पिटैलिटी, एससीओ-11, सेक्टर-7, चंडीगढ़ के बार लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है। विभाग के अनुसार, उक्त प्रतिष्ठान द्वारा भी पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 और उससे संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया था। जांच के बाद लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया।

आबकारी विभाग का सख्त संदेश

विभाग ने कहा है कि यूटी चंडीगढ़ में पारदर्शी और कानूनसम्मत आबकारी प्रशासन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या लाइसेंसधारी द्वारा शराब की अनधिकृत बिक्री, परोसने, भंडारण, परिवहन अथवा दुरुपयोग की स्थिति में कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों को और अधिक सख्त किया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब का प्रचार, मुफ्त वितरण या आकर्षक मार्केटिंग गतिविधियां नियमों के दायरे में ही की जा सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माने, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह कार्रवाई शहर के अन्य शराब लाइसेंसधारियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि ब्रांड प्रमोशन के नाम पर आबकारी नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है। शराब के प्रचार के लिए लगाया गया यह कथित ‘शराब का लंगर’ ठेकेदार को 7 लाख रुपये की भारी पेनल्टी के रूप में महंगा साबित हुआ।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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