रमेश गोयत
चंडीगढ़, 5 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस, कांवड़ यात्रा, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे प्रमुख आयोजनों को देखते हुए हरियाणा पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों और राष्ट्रीय पर्व के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी जिलों में पुलिस बल और संसाधनों को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस बल और संसाधनों की रहेगी पूरी तैयारी
निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में पर्याप्त पुलिस बल को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी तत्काल कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में लगाया जाएगा। सभी जिलों में नियमित रूप से एंटी-रायट (दंगा नियंत्रण) अभ्यास आयोजित किए जाएंगे ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
पुलिस मुख्यालय ने वाटर कैनन, वज्र वाहन, ड्रोन, एम्बुलेंस, जेसीबी, क्रेन सहित सभी आवश्यक संसाधनों और गश्ती वाहनों की तकनीकी जांच कर उन्हें हर समय उपयोग के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
खुफिया तंत्र होगा और अधिक सक्रिय
प्रदेशभर में खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आईबी, सीआईडी और अन्य केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। सभी जिलों को संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने तथा सांप्रदायिक तनाव, आंदोलन या अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने कहा कि दिल्ली और पंजाब से सटे होने के कारण हरियाणा सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। ऐसे में किसी भी आतंकी या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
सत्यापन और चेकिंग अभियान होगा तेज
सभी जिलों में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन अभियान को तेज किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बढ़ाए जाएंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील व्यक्तियों के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की भी विशेष समीक्षा की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान सभी उपमंडलों में आयोजित कार्यक्रमों में वीआईपी और आमजन की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे। जन्माष्टमी पर मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और टैक्सी स्टैंडों पर महिलाओं की बढ़ी आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा रेलवे यातायात को किसी भी स्थिति में बाधित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों के साथ बनेगा समन्वय
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को शांति समितियों की बैठकें आयोजित करने और जिला प्रशासन, रेलवे, सेना, वायुसेना, एनएचएआई, स्वास्थ्य, अग्निशमन, परिवहन, नगर निकाय तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति और निषेधाज्ञा लागू करने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को परिस्थितियों के अनुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।













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