नियमितीकरण और समान वेतन की मांग उठाई
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 जून। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच)-32 में पिछले 10 से 15 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स ग्रुप-सी एवं डी कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को चंडीगढ़ से सांसद Manish Tewari से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जीएमसीएच कॉन्ट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, दिनेश सिंह रावत तथा समाजसेवी एवं पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह ने किया।
कर्मचारियों ने सांसद के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग यह थी कि 10 से 15 वर्षों से संतोषजनक सेवाएं दे रहे पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल लैब टेक्नीशियन (एमएलटी), डाटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ), वार्ड अटेंडेंट, सफाई कर्मचारियों समेत अन्य आउटसोर्स कर्मियों को सुरक्षित नीति बनाकर नियमित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं, जबकि चंडीगढ़ में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
दूसरी मांग “समान काम-समान वेतन” लागू करने की रही। कर्मचारियों ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों तथा अनुबंध श्रम अधिनियम, 1970 के नियम 25(2)(v)(a) के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर समान वेतन का लाभ उन्हें मिलना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया कि लीगल रिमेंबरेंसर विभाग द्वारा बोनस के मामले में वार्ड अटेंडेंट को जीएमसीएच कर्मचारी माना जा चुका है, जिससे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित होता है। इसके अलावा आउटसोर्स एजेंसियों को दिए जा रहे सेवा शुल्क के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान होने का भी मुद्दा उठाया गया।
कर्मचारियों के अनुसार सांसद मनीष तिवारी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वह इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष उठाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संसद में भी इस मुद्दे को रखने का प्रयास किया जाएगा ताकि कर्मचारियों की मांगों पर उचित विचार हो सके।
यूनियन के पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को इस मुलाकात से नई उम्मीद मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि नियमितीकरण और समान वेतन संबंधी मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी।
यूनियन ने सांसद से अनुरोध किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन को संबंधित कानूनों और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके।















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