June 21, 2026 11:43 pm

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पंचकूला में कचरा संग्रहण शुल्क वापसी की मांग तेज, सिटिज़न्स वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाए सवाल

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला, 14 जून। पंचकूला नगर निगम द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षों के लिए कचरा संग्रहण शुल्क (गार्बेज कलेक्शन चार्जेज) माफ किए जाने के बावजूद पहले से शुल्क जमा कर चुके उपभोक्ताओं को राशि वापस न किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सिटिज़न्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीडब्ल्यूए) ने नगर निगम और हरियाणा सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताया है।
एसोसिएशन के अनुसार नगर निगम ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान वसूले गए कचरा संग्रहण शुल्क को माफ कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2025-26 के लिए भी यह शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया, जबकि 80 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता पहले ही अपने बिलों का भुगतान कर चुके थे। ऐसे में समय पर भुगतान करने वाले नागरिक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि नगर निगम और सरकार को सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। उनका आरोप है कि शुल्क माफी का लाभ केवल उन लोगों को मिल रहा है जिन्होंने भुगतान नहीं किया था, जबकि समय पर भुगतान करने वाले लोगों को अब तक कोई राहत नहीं मिली है।
पूर्व स्पीकर के वादे का भी दिया हवाला
सीडब्ल्यूए ने अपने बयान में पंचकूला के पूर्व विधायक एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा जारी एक पुस्तिका का भी उल्लेख किया है। एसोसिएशन के अनुसार उस पुस्तिका में “घर-घर से कचरा उठाने की मुफ्त सेवा” का प्रावधान दर्शाया गया था। इसमें कहा गया था कि कचरा संग्रहण के लिए वाहन और उपकरण खरीदने पर 2.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं तथा सभी सेक्टरों में घरों से कचरा उठाने की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
एसोसिएशन का दावा है कि उस समय नगर निगम ने विभिन्न समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर नागरिकों से अपील की थी कि वे अपना घरेलू कचरा केवल नगर निगम की गाड़ियों को दें और इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

नागरिकों के मन में कई सवाल
सिटिज़न्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि शुल्क माफी की घोषणा के बाद भी पहले से जमा राशि का न तो रिफंड किया गया और न ही उसे भविष्य के बिलों में समायोजित किया गया है। इसके चलते लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

एसोसिएशन ने नगर निगम और सरकार से निम्नलिखित सवालों के जवाब मांगे हैं—
वर्ष 2023-24 के लिए पहले से जमा किए गए कचरा संग्रहण शुल्क का रिफंड कब किया जाएगा?
वर्ष 2024-25 में शुल्क जमा करने वाले उपभोक्ताओं को क्या राशि वापस की गई है या किसी प्रकार का समायोजन किया गया है?
वर्ष 2025-26 के लिए अब तक जमा किए गए शुल्क को भविष्य के बिलों में समायोजित किया जाएगा या वापस लौटाया जाएगा?
क्या समय पर भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भविष्य में तब तक शुल्क जमा नहीं करना चाहिए, जब तक नगर निगम नई नीति घोषित नहीं करता?
मुख्यमंत्री और अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
सिटिज़न्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.के. नैय्यर, महासचिव सुनील जैन, उपाध्यक्ष राकेश सोंधी, सचिव के.आर. कोली तथा अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक, पंचकूला के मेयर और नगर निगम आयुक्त से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान कचरा संग्रहण शुल्क के रूप में नागरिकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि को शीघ्र वापस किया जाए या आगामी बिलों में समायोजित किया जाए, ताकि समय पर भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के साथ न्याय हो सके।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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