August 29, 2026 3:00 pm

August 29, 2026 3:00 pm

PANCHKULA: HERC सुनवाई में पंचकुला नागरिक कल्याण संघ ने रखी घरेलू बिजली टैरिफ पर आपत्तियाँ

स्लैब दरों में असमानता पर जताई नाराज़गी

पंचकूला, 8 जनवरी। पंचकूला नागरिक कल्याण संघ (सीडब्ल्यूए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-4 पंचकुला स्थित हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) में आयोजित जन सुनवाई में भाग लेकर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े टैरिफ मुद्दों पर आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज कराए। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष श्री नंद लाल शर्मा एवं आयोग के सदस्यों के समक्ष घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ को रेखांकित किया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीडब्ल्यूए अध्यक्ष एस.के. नायर ने किया। इस दौरान सचिव नरिंदर शर्मा, अध्यक्ष के.के. जिंदल, सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के महासचिव अविनाश मलिक तथा सीडब्ल्यूए सदस्य आर.सी. गोयल भी मौजूद रहे।

निश्चित शुल्क को लेकर असंतोष
सीडब्ल्यूए ने कहा कि वर्तमान टैरिफ व्यवस्था में सभी श्रेणियों के लिए टैरिफ को निश्चित और परिवर्तनीय दो भागों में बांटा गया है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के साथ समानता नहीं बरती जा रही। वित्तीय वर्ष 2025-26 के टैरिफ आदेश में घरेलू श्रेणी-I (2 किलोवाट तक) और श्रेणी-II (5 किलोवाट तक तथा 300 यूनिट तक) पर कोई निश्चित शुल्क नहीं लगाया गया, जबकि श्रेणी-II के अन्य उपभोक्ताओं और पूरी श्रेणी-III पर क्रमशः 50 रुपये और 75 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह का भारी निश्चित शुल्क लागू किया गया है।
सीडब्ल्यूए का कहना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं में व्यापक असंतोष पैदा हुआ है और सामाजिक-आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सभी श्रेणियों के लिए एकसमान व तर्कसंगत निश्चित शुल्क होना चाहिए।
चंडीगढ़ से तुलना, 250% अधिक शुल्क का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग का ध्यान चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) की ओर दिलाया, जहां जेईआरसी के 30 अक्टूबर 2025 के आदेश के तहत 1 नवंबर 2025 से 30 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह का निश्चित शुल्क लागू है। सीडब्ल्यूए ने आरोप लगाया कि हरियाणा के घरेलू उपभोक्ता, चंडीगढ़ के निजी वितरण कंपनी के उपभोक्ताओं की तुलना में करीब 250 प्रतिशत अधिक निश्चित शुल्क चुका रहे हैं।

स्लैब दरों में असमानता पर सवाल
सीडब्ल्यूए ने घरेलू श्रेणी-II और श्रेणी-III के बीच स्लैब दरों में भारी अंतर को भी अनुचित बताया। प्रतिनिधियों के अनुसार, समान घरेलू उपयोग के बावजूद श्रेणी-III उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट अधिक दर चुकानी पड़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है।

आयोग से जनहित में निर्णय की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने एचईआरसी अध्यक्ष नंद लाल शर्मा और आयोग के सदस्यों से आग्रह किया कि वे हरियाणा में व्यापक जनहित और घरेलू उपभोक्ताओं के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए टैरिफ निर्धारण पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

4 0 0 4 0 0
Total Users : 400400
Total views : 646041

शहर चुनें