स्टेट विजिलेंस में पहुची शिकायत
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा रेडक्रॉस सोसाइटी, हरियाणा स्टेट ब्रांच की ओर से जारी ई-लर्निंग/डिजिटल ट्रेनिंग सर्विस से जुड़े टेंडर में तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर शिकायत सामने आई है। विजिलेंस को भेजी शिकायत में एतबार सिंह निवासी बड़ोदा सोनीपत ने आरोप लगाया है कि टेंडर शर्तों और तकनीकी योग्यता के मानकों की अनदेखी कर एक चेहती को लाभ पहुंचाया गया। शिकायत में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार रेडक्रॉस द्वारा Road Safety, First Aid तथा LMV/HMV Course के लिए ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और ट्रेनिंग कंटेंट उपलब्ध करवाने हेतु टेंडर जारी किया गया था। इसमें ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, कंटेंट डेवलपमेंट, पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन, यूजर मैनेजमेंट सहित कई तकनीकी सेवाएं शामिल थीं।
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प्रायर एक्सपीरियंस के अंक देने पर उठे सवाल
शिकायत में तकनीकी मूल्यांकन के प्वाइंट B (Prior Experience) को लेकर आपत्ति जताई गई है। टेंडर दस्तावेज के अनुसार इस श्रेणी में सरकारी विभागों/सरकारी संस्थाओं के साथ समान कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाने थे। टेंडर शर्तो में कम्पनी को हरियाणा में काम करने का एक्सपीरियंस होना था, मगर वह नही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्चुअल गैलेक्सी इन्फोटेक को अनुभव के अंक दिए गए, जबकि कंपनी द्वारा प्रस्तुत अनुभव दस्तावेज टेंडर में निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं थे।
शिकायत में कहा गया है कि कंपनी के अनुभव की वास्तविकता, कार्य की प्रकृति और सरकारी संस्थाओं के साथ किए गए कार्यों की जांच की जानी चाहिए।
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तकनीकी मूल्यांकन में 10 अंक देने पर विवाद
दस्तावेजों के अनुसार तकनीकी मूल्यांकन में प्रायर एक्सपीरियंस के लिए कुल 10 अंक निर्धारित थे। इसमें अलग-अलग संख्या में प्रोजेक्ट के आधार पर अंक देने का प्रावधान था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चयनित कंपनी को तकनीकी मूल्यांकन में अंक देने की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और अन्य बोलीदाताओं के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया।
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रेडी-टू-डिप्लॉय ई-लर्निंग कंटेंट को लेकर भी सवाल
टेंडर में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में तैयार ई-लर्निंग कंटेंट उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई थी। इसमें रोड सेफ्टी, ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रशिक्षण सामग्री सहित अन्य कोर्स शामिल थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस शर्त को पूरा करने के संबंध में प्रस्तुत दस्तावेजों की पर्याप्त जांच नहीं की गई और इसके बावजूद कंपनी को तकनीकी अंक प्रदान किए गए।
तकनीकी दस्तावेज और प्रमाण पत्रों की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि—
चयनित कंपनी द्वारा जमा किए गए अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच हो।
तकनीकी मूल्यांकन समिति द्वारा दिए गए अंकों की समीक्षा की जाए।
टेंडर की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई की जाए।
स्थानीय उपस्थिति और अन्य पात्रता शर्तों पर भी आपत्ति
शिकायत में टेंडर की अन्य तकनीकी शर्तों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें स्थानीय उपस्थिति, कार्यालय विवरण, दस्तावेज सत्यापन और पात्रता मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
आरोप है कि टेंडर की शर्तों को पूरा करने वाले अन्य प्रतिभागियों की तुलना में चयनित कंपनी को फायदा मिला।
रेडक्रॉस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि रेडक्रॉस जैसी संस्था में टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। सामाजिक संस्था होने के कारण यहां किसी भी प्रकार की अनियमितता जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकती है।
मामले में शिकायतकर्ता ने हरियाणा सरकार, सतर्कता विभाग और संबंधित जांच एजेंसियों से पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
हालांकि, अभी तक हरियाणा रेडक्रॉस सोसाइटी और संबंधित कंपनी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।










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