रमेश गोयत
चंडीगढ़, 30 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप वर्ष 2026 को “पुलिस मॉडर्नाइजेशन एवं वेलफेयर का वर्ष” घोषित किए जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने आधुनिकीकरण और पुलिस कल्याण को नई दिशा देने की तैयारी तेज कर दी है। पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस को देश की सबसे आधुनिक, तकनीक आधारित और जनहितैषी पुलिस बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6 पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए करीब 750 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। विभिन्न योजनाओं और चल रही परियोजनाओं को मिलाकर पुलिस आधुनिकीकरण व आधारभूत ढांचे के विकास पर कुल निवेश लगभग 980 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इस राशि से प्रदेशभर में 237 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति मिलेगी और प्रत्येक जिले में पुलिस सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह हरियाणा पुलिस के इतिहास का सबसे बड़ा आधारभूत संरचना विकास अभियान है। इसके लिए विजन-2030 और विजन-2047 का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसकी मुख्यमंत्री स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है।
स्मार्ट पुलिसिंग होगी भविष्य की नींव
डीजीपी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के अनुसार पुलिस को “स्मार्ट पुलिस” के सिद्धांत पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने स्मार्ट पुलिस की परिभाषा बताते हुए कहा कि इसमें—
S – Strict but Sensitive (सख्त लेकिन संवेदनशील)
M – Modern and Mobile (आधुनिक एवं गतिशील)
A – Alert and Accountable (सतर्क एवं जवाबदेह)
R – Reliable and Responsive (विश्वसनीय एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली)
T – Techno-savvy and Trained (तकनीक सक्षम एवं प्रशिक्षित)
शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग केवल एक अवधारणा नहीं बल्कि पुलिस व्यवस्था का पूरा ढांचा है, जिसमें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, बेहतर व्यवहार और विज्ञान आधारित जांच प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस कर्मियों का कल्याण पहली प्राथमिकता
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि पुलिस कर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगे रहते हैं, इसलिए उनका कल्याण उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए शगुन योजना, हॉस्टल योजना, मेंटल हेल्थ और स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है।
कानून व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक पर जोर
डीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस अपराध नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग दोनों क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अभेद्य ऐप, ड्यूल ओटीपी सिस्टम, डायल-112, आरजेएसएफ, रात्रि नाकाबंदी, एंटी नारकोटिक्स अभियान, सीसीटीवी विस्तार, ट्रेनिंग रिफॉर्म्स और बी-1 टेस्ट जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं।
इसके अलावा एटीएम मॉनिटरिंग सिस्टम, नारकोटिक्स नियंत्रण की वार्षिक योजना और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने सहित कई परियोजनाओं पर काम जारी है।
एआई और साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
डीजीपी ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हरियाणा पुलिस साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक अपना रही है। प्रदेश में एक समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेल बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ई-जीरो एफआईआर की सुविधा शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 28 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हर साल एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड की करीब 5 हजार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
एटीएस को बनाया जा रहा मजबूत
डीजीपी ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को मजबूत किया जा रहा है। इसमें विशेषज्ञ इकाइयां विकसित की जा रही हैं ताकि आतंकवाद और संगठित अपराध से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि एटीएस का लक्ष्य केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं बल्कि अपराध रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी जांच तीनों स्तरों पर काम करना है।
संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि विदेशों से आने वाली रंगदारी कॉल और तकनीक आधारित अपराध नई चुनौती बन चुके हैं। हरियाणा पुलिस ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में कई गंभीर मामलों का तेजी से खुलासा किया गया है और 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 22 वांछित अपराधियों को विदेशों से वापस लाया गया है, जबकि अन्य अपराधियों की वापसी की प्रक्रिया जारी है।
5000 पुलिस कर्मियों की होगी भर्ती
डीजीपी ने बताया कि पुलिस विभाग में क्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें—
5000 नए पुलिस कर्मियों की भर्ती
अग्निवीरों को अवसर
अत्याधुनिक एटीएस
वन रैंक एंड पे योजना
नूंह में 107 एकड़ भूमि पर इंडिया रिजर्व बटालियन
150 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स
7 नए महिला पुलिस थाने
पुलिस वेलफेयर फंड
शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा पुलिस में करीब 30 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा। उद्देश्य केवल भर्ती करना नहीं बल्कि युवा, प्रशिक्षित और तकनीक आधारित पुलिस बल तैयार करना है।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस की कई पहलें देशभर में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 विज़न और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस आधुनिक, सक्षम और जनता के विश्वास वाली पुलिस फोर्स बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।












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