बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 2 जुलाई 2026। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी परवीन कुमार को सरकारी धन के गबन के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में हुए बहुचर्चित फंड घोटाले की जांच के दौरान की गई।
CBI के अनुसार, जांच में सामने आया कि परवीन कुमार ने विभाग की मंजूरी और रिकॉर्ड के बिना गुप्त तरीके से बैंक खाता खुलवाया था। बाद में इसी खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर सरकारी धन के गबन के लिए किया गया। आरोप है कि चेक और डेबिट नोट्स के माध्यम से राशि निकालकर आरोपी द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई।
जांच एजेंसी ने बताया कि हालांकि खाते के हस्ताक्षरकर्ता परवीन कुमार थे, लेकिन खाते में एक ऐसे अन्य आरोपी का मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, जो विभाग में कार्यरत ही नहीं था। ऐसा कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले लेन-देन को छिपाने के उद्देश्य से किया गया।
CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों से परवीन कुमार की सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद उन्हें 2 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले इस मामले में HSPCB के दो अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
CBI के अनुसार, HSPCB का यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में हुए बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेबिट नोट्स के जरिए कथित रूप से शेल कंपनियों में स्थानांतरित किए गए।
एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 अधिकारी, 2 कंपनियां तथा 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं, अब तक कुल 25 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
CBI ने कहा है कि मामले में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन की गई सार्वजनिक धनराशि का पूरा पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।












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