नगर निगम, फायर विभाग व बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 3 जुलाई। चंडीगढ़ के गांव काझेरी स्थित होटलों में सुरक्षा मानकों और नियमों के उल्लंघन को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार होटलों को सील कर दिया है। इसके साथ ही दो होटल संचालकों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। हालांकि इस कार्रवाई के बाद पुलिस के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वही नगर निगम, एसडीएम ऑफिस, फायर विभाग व बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे है।
सेक्टर-61 पुलिस चौकी के प्रभारी रवदीप सिंह ने बताया कि काझेरी क्षेत्र के होटलों की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि कुछ होटलों में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं थे, भवन नियमों का उल्लंघन किया गया था तथा अन्य नियमों की भी अनदेखी की जा रही थी। इन कमियों को देखते हुए चार होटलों को सील कर दिया गया है तथा पूरी रिपोर्ट लिखित रूप में एसडीएम (साउथ) को भेज दी गई है ताकि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
दो होटल संचालकों पर एफआईआर
इसी कार्रवाई के दौरान सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
पहले मामले में एएसआई अशोक कुमार की शिकायत पर होटल पर्पल व्यू, प्लॉट नंबर-169, गांव काझेरी के मालिक रामू के खिलाफ एफआईआर नंबर-103, धारा 223 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान होटल के एंट्री रजिस्टर में गंभीर खामियां मिलीं। पुलिस के अनुसार एक महिला होटल में ठहरी हुई थी, लेकिन उसका नाम रजिस्टर में दर्ज नहीं था और न ही उसका कोई पहचान पत्र लिया गया था, जो होटल संचालन के नियमों का उल्लंघन है।
दूसरे मामले में सब-इंस्पेक्टर सतीश कुमार की शिकायत पर होटल बूम शंकर रीजेंसी के मैनेजर परवीन और मालिक कपिल के खिलाफ एफआईआर नंबर-104, धारा 223 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि होटल के रजिस्टर में कमरा नंबर-101 की एंट्री दर्ज थी, जबकि मौके पर कमरा खाली मिला। इसके अलावा होटल में फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था तथा भवन में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार होने के कारण आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा को खतरा पाया गया।
अधिकार क्षेत्र को लेकर उठे सवाल
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और कुछ नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है, जबकि फायर सेफ्टी की जांच और कार्रवाई का अधिकार फायर विभाग के पास होता है। इसी प्रकार भवन नियमों और निर्माण संबंधी उल्लंघनों की जांच नगर निगम, एसडीएम कार्यालय तथा बिल्डिंग ब्रांच के अधिकार क्षेत्र में आती है।
लोगों का कहना है कि यदि इन विभागों का कार्य भी पुलिस ही करेगी तो संबंधित विभागों की भूमिका और आवश्यकता पर सवाल खड़े होंगे। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आई कमियों और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है तथा संबंधित विभागों को भी इसकी जानकारी भेज दी गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों एफआईआर की जांच कर रही है, जबकि सील किए गए होटलों के संबंध में आगे की कार्रवाई प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी।











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