बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी नलकूपों और ट्यूबवेलों के पानी की मुफ्त वैज्ञानिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को यह सलाह दी जाएगी कि उनके खेत और पानी की गुणवत्ता के अनुसार कौन-सी फसल सबसे उपयुक्त रहेगी। सरकार इस पूरी व्यवस्था को ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जोड़ेगी, ताकि किसानों को डिजिटल माध्यम से जांच रिपोर्ट और कृषि संबंधी वैज्ञानिक सलाह मिल सके।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में बजट घोषणाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं और संकल्प पत्र-2024 की प्रतिबद्धताओं की समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पानी की जांच कर रिपोर्ट देना नहीं, बल्कि “पानी की रिपोर्ट के आधार पर फसल चयन” की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करना है, जिससे किसान उपलब्ध जल की गुणवत्ता के अनुसार सही फसल चुन सकें और उत्पादन बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पानी के नमूनों की जांच में कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, क्लोराइड सहित सभी आवश्यक रासायनिक तत्वों की जांच की जाए। किसान अपने नजदीकी प्रयोगशाला में कभी भी ट्यूबवेल के पानी का नमूना परीक्षण के लिए जमा करा सकेंगे।
बैठक में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एपीडा से प्रमाणित अथवा प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को देसी गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से लागू की जाए।
उन्होंने कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रमाणन, प्रशिक्षण, विपणन और उत्पादों की बिक्री तक पूरी व्यवस्था को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाए, ताकि किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने फॉस्फोरस युक्त जैविक खाद (PROM) के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और प्राकृतिक खेती को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों को किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने गन्ने की अधिक पैदावार पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की संभावनाओं पर काम करने, किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर उपलब्ध कराने तथा टिश्यू कल्चर तकनीक को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कपास की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए हैंडहेल्ड बैटरी चालित मशीनों और ईंधन चालित कॉटन पिकिंग मशीनों पर सब्सिडी उपलब्ध कराने की व्यवस्था तेज करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और कपास उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं और संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कृषि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच












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