July 22, 2026 10:33 pm

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CHANDIGARH: PGI की तर्ज पर हाई कोर्ट के लिए भी हो सकता है विकेंद्रीकरण का मॉडल: विशेषज्ञों की राय

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 18 जुलाई: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के बढ़ते कार्यभार और आधारभूत सुविधाओं पर बढ़ रहे दबाव के बीच अब न्यायिक व्यवस्था के विकेंद्रीकरण की आवश्यकता पर चर्चा तेज हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार पीजीआई चंडीगढ़ ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय रहते अपने सैटेलाइट सेंटर विकसित किए, उसी तरह उच्च न्यायालय के लिए भी नई खंडपीठों (बेंच) की स्थापना एक प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पीजीआई ने दूरदर्शिता दिखाते हुए अपनी बाहरी इकाइयों का विस्तार किया, जिससे चंडीगढ़ स्थित मुख्य परिसर पर मरीजों का दबाव कम हुआ और लोगों को अपने क्षेत्रों के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकीं। इसी मॉडल को न्यायिक व्यवस्था में भी अपनाने पर विचार किया जा सकता है।
उनका कहना है कि यदि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मुकदमों, अधिवक्ताओं और बुनियादी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, तो समाधान केवल चंडीगढ़ के विश्व धरोहर क्षेत्र में नए निर्माण या विस्तार तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय पंजाब और हरियाणा के उपयुक्त शहरों में नई खंडपीठों की स्थापना पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से उच्च न्यायालय को आधुनिक और विस्तृत आधारभूत ढांचा मिलेगा, दूर-दराज़ के नागरिकों को अपने क्षेत्रों के निकट न्यायिक सेवाएं उपलब्ध होंगी, चंडीगढ़ पर यातायात और जनसंख्या का दबाव कम होगा तथा शहर की विश्व धरोहर पहचान, पर्यावरण और नियोजित शहरी स्वरूप को भी संरक्षित रखा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल भवनों के विस्तार की नहीं, बल्कि संस्थागत विकेंद्रीकरण (Institutional Decentralisation) की है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए न्यायिक व्यवस्था में भी ऐसे समाधान तलाशने होंगे, जो न्याय तक पहुंच को आसान बनाने के साथ-साथ विरासत संरक्षण और संतुलित विकास को भी सुनिश्चित करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ की सबसे बड़ी पहचान उसकी विश्व धरोहर वास्तुकला और सुव्यवस्थित शहरी योजना है। ऐसे में विकास की दिशा ऐसी होनी चाहिए, जिससे न्यायिक व्यवस्था भी मजबूत हो और शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रह सके। यही संतुलित और दूरदर्शी विकास की वास्तविक पहचान होगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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