बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 20 जुलाई: भारतीय जनता पार्टी, चंडीगढ़ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, यूवीएम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी कैलाश चंद जैन ने पत्रकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधारों की मांग करते हुए भारत सरकार से “जर्नलिस्ट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (JRAI)” के गठन की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, गृह मंत्री, विधि एवं न्याय मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री सहित संबंधित मंत्रालयों और संस्थाओं को विस्तृत ज्ञापन भेजा है।
कैलाश चंद जैन ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधारशिला है, लेकिन इसके साथ जवाबदेही, नैतिकता और पारदर्शिता भी आवश्यक है। उनका कहना है कि डिजिटल और सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव के चलते बड़ी संख्या में लोग स्वयं को पत्रकार बताने लगे हैं, जबकि उनका किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान से संबंध नहीं होता और उनके लिए कोई निर्धारित योग्यता या आचार संहिता भी लागू नहीं है।
उन्होंने कहा कि देशभर में फर्जी पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग, उगाही, भ्रामक खबरें फैलाने, चरित्र हनन करने और अधिकारियों व नागरिकों पर अनुचित दबाव बनाने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों से पूरी पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और ईमानदार पत्रकारों की छवि भी धूमिल होती है।
जैन ने कहा कि हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी की थी कि आज मोबाइल और माइक्रोफोन लेकर लगभग हर व्यक्ति स्वयं को रिपोर्टर बताने लगा है तथा सरकार को डिजिटल पत्रकारिता के लिए संतुलित नियामक ढांचा तैयार करने पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अधिवक्ताओं के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया, चिकित्सकों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए आईसीएआई जैसी वैधानिक संस्थाएं हैं, उसी प्रकार पत्रकारों के लिए भी एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त नियामक संस्था का गठन किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में उन्होंने कार्यरत एवं डिजिटल पत्रकारों के लिए अनिवार्य पंजीकरण, न्यूनतम शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता, राष्ट्रीय आचार संहिता लागू करने तथा शिकायतों की जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित करने की मांग की है। साथ ही फर्जी पत्रकार बनकर ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा उनका पंजीकरण निरस्त करने का प्रावधान करने का भी सुझाव दिया है।
कैलाश चंद जैन ने स्पष्ट किया कि यह मांग प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि उसे अधिक सशक्त, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से न्यायपालिका, मीडिया संगठनों, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, विधि विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की उच्च स्तरीय समिति गठित कर “जर्नलिस्ट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया” के गठन के लिए व्यापक कानून बनाने का आग्रह किया है।












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