July 24, 2026 11:31 pm

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चंडीगढ़ पब्लिक हेल्थ विंग के कार्यकारी अभियंता पर रिश्वत के आरोपों को ईई ने बताया निराधार, विभागीय पत्र का दिया हवाला

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विंग के डिवीजन नंबर-7 के कार्यकारी अभियंता साहिल शर्मा ने उन पर लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
साहिल शर्मा ने अपने लिखित जवाब में कहा, “All the facts and details are wrongly presented to tarnish my reputation. Kindly post only actual facts if you have.” यानी, सभी तथ्य और विवरण उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से गलत तरीके से प्रस्तुत किए गए हैं।


विभागीय पत्र का दिया हवाला
अपने पक्ष को मजबूत करते हुए कार्यकारी अभियंता ने 13 जून 2025 के एक विभागीय पत्र (मेमो नंबर 2100407) का हवाला दिया। यह पत्र प्रोजेक्ट पब्लिक हेल्थ डिवीजन नंबर-7 की ओर से वाटर सप्लाई सब-डिवीजन नंबर-11 को जारी किया गया था, जो पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, सेक्टर-12 के सामने वर्षा जल निकासी और मैनहोल निर्माण कार्य में अतिरिक्त कार्य से संबंधित है।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित फाइल को कई तकनीकी आपत्तियों के साथ वापस भेजा गया था। इनमें कहा गया कि कार्य सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल की अनुमेय सीमा से अधिक है, अतिरिक्त कार्य कराने से पहले सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति क्यों नहीं ली गई, समान प्रकृति का कार्य दूसरी एजेंसी से क्यों नहीं कराया गया, अलग DNIT तैयार करने की आवश्यकता क्या थी, कंप्लीशन प्लान, प्रमाण पत्र, नवीन बाजार दरों के आधार पर AOR, आवंटन पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही सभी कमियों को दूर कर संशोधित प्रस्ताव दोबारा भेजने के निर्देश दिए गए थे।
कार्यकारी अभियंता का कहना है कि यह पत्र दर्शाता है कि संबंधित कार्य की फाइल विभागीय प्रक्रिया के तहत तकनीकी जांच और आपत्तियों के साथ चल रही थी तथा नियमों के अनुसार स्पष्टीकरण मांगे गए थे। इसलिए रिश्वत मांगने के लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं।

ठेकेदार ने लगाया एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसके भुगतान के बिल पास कराने के बदले कार्यकारी अभियंता ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। हालांकि, इस आरोप की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर ठेकेदार रिश्वत मांगने का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरी ओर कार्यकारी अभियंता ने आरोपों का स्पष्ट खंडन करते हुए विभागीय दस्तावेज का हवाला दिया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति किसी सक्षम विभागीय अथवा जांच एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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