बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 जुलाई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं-छात्रों के संघर्ष की जीत है। अगर प्रधान शुरुआत में ही नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दे देते तो मासूम छात्रों को ना लाठीचार्ज का सामना करने पड़ता और ना ही इतना संघर्ष करना पड़ता।अब सरकार को उन देश व देश के भविष्य युवाओ से माफी मांगनी चाहिए, जिनपर लाठीचार्ज व बर्बरता की थी। साथ ही परीक्षा तंत्र को इतना पारदर्शी बनाना चाहिए कि भविष्य में पेपर लीक की कोई संभावना ना रहे।क्योंकि पेपर लीक की समस्या देश में महामारी का रूप ले चुकी है। युवाओं को बीजेपी सरकार की अनदेखी के चलते सड़कों पर आकर आंदोलन करना पड़ा। इसके खिलाफ कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में, छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया। आखिरकार जनआंदोलन के खिलाफ बीजेपी को झुकना पड़ा। अब कांग्रेस संसद के भीतर पेपर लीक को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी।भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण अब तक 7.50 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हो चुके हैं। यह समस्या केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भी ताबड़तोड़ पेपर लीक हो रहे हैं। बेरोजगारी की स्थिति यह है कि हर साल मात्र 6 लाख नौकरियों के लिए 9 करोड़ युवा आवेदन करते हैं।भूपेंद्र सिंह हुड्डा पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा पेपर लीक का गढ़ बन चुका है। उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान हुए पेपर लीक का ब्योरा देते हुए बताया कि हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं।
इनमें प्रमुख हैं — HCS (2023), CET (2023), SI भर्ती (मार्च 2022), डेंटल सर्जन (दिसंबर 2021), PGI रोहतक परीक्षा (2025), पुलिस कांस्टेबल भर्ती (अगस्त 2021), ग्राम सचिव भर्ती (12 जनवरी 2021), क्लर्क भर्ती (दिसंबर 2016), बिजली विभाग क्लर्क भर्ती, एक्साइज इंस्पेक्टर (दिसंबर 2016), एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर (जुलाई 2017), कंडक्टर भर्ती (सितंबर 2017), ITI इंस्ट्रक्टर भर्ती, आबकारी इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार भर्ती, PTI भर्ती, HTET (नवंबर 2015), केंद्रीय विद्यालय संगठन प्राइमरी टीचर (अक्टूबर 2015), असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज भर्ती घोटाला (फरवरी 2017), B-फार्मेसी पेपर लीक घोटाला (जुलाई 2017), HBSE बोर्ड 10वीं-12वीं पेपर लीक (2025), HTET 2026 (जिसमें बिना सील के पेपर बांटे गए और लीक की आशंका जताई गई) आदि।उन्होंने कहा कि पूरे देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। हरियाणा समेत पूरे देश में पेपर और नौकरियों का सौदा करने वाला एक पूरा रैकेट सक्रिय है। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि जानलेवा साबित हो रही है। सिर्फ NEET पेपर लीक से परेशान होकर देशभर में 26 अभ्यर्थी आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि नीट री-एग्जाम में भी कई शिकायतें आई हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। और जब सरकार अपनी जिम्मेदारी से बार-बार पल्ला झाड़ती है तो जनशक्ति को आंदोलन की राह पकड़कर सरकार को जवाबदेह बनाना पड़ता है। इस आंदोलन में वही देखने को मिला है।












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