July 25, 2026 7:13 pm

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं की जीत है: चौधरी अभय सिंह चौटाला

सत्ता में आने के बाद ये लोग इतने अहंकारी हो गए कि यह भी भूल गए कि इन युवाओं ने उनको सत्ता में बैठाया था और अब ये युवा ही सत्ता से बाहर करेंगे
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 जुलाई। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं की जीत है। जंतर मंतर पर कई दिनों से पेपर लीक के खिलाफ धरना दे रहे देश के आंदोलनरत युवाओं को इनेलो की ओर से बधाई। इन्होंने अपनी जुझारू प्रवृत्ति और अडिग इच्छाशक्ति से साबित कर दिया कि जनता के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि मेरा बीजेपी सरकार से सीधा सवाल है कि जब युवाओं ने पहली बार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था, तब तुरंत इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया? इस बात का भी स्पष्टीकरण आना चाहिए। अगर इस्तीफा स्वीकार करने का साहस नहीं था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद शिक्षा मंत्रालय अपने हाथ में ले लेना चाहिए था। लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली और युवाओं के आक्रोश को पुलिस की लाठियों से कुचलने की कोशिश की गई। यह बीजेपी सरकार की युवा-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। जिन नौजवानों और छोटी बच्चियों को बुरी तरह पीटा गया, उन पर करंट लगाया गया, पेलेट गन चलाई गई और आंसू गैस के गोले दागे गए, यह लोकतंत्र पर हमला है। लोगों ने इन बच्चों की खाने और पीने की सुविधा दी, लेकिन सरकार ने उन बच्चों के लिए सिवाय जुल्म ढाने के कुछ नहीं किया। बच्चियों के लिए शौचालय तक नहीं थे। सवाल यह है कि अगर ये बच्चे बीजेपी के किसी मंत्री या नेता के होते तो क्या तब भी दिल्ली पुलिस इन्हें इतनी बेरहमी से कुचलती? क्या सरकार दोहरे मापदंड अपनाती? छोटी-छोटी बच्चियों पर हुई इस ज्यादती की निंदा के शब्द नहीं हैं। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि किसान आंदोलन की तरह अब भी देश की जनता और खासकर युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगें। उन्होंने पहले तीन काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों से और पूरे देश के लोगों से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी, आज युवाओं के साथ हुए अत्याचार के लिए भी माफी मांगनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि यह मामला एक महीने तक क्यों लटकाया गया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर, जिनकी कमान में इन निहत्थे छात्रों-छात्राओं पर अत्याचार हुए, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाए और माफी मांगते हुए जवाबदेही तय की जाए। अगर यह निर्णय अब नहीं लिया जाता तो पूरे देश में बहुत बड़ा विद्रोह हो जाता। सत्ता में आने के बाद ये लोग इतने अहंकारी हो गए कि यह भी भूल गए कि इन युवाओं ने उनको सत्ता में बैठाया था और अब ये युवा ही सत्ता से बाहर करेंगे।बीजेपी सरकार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। पेपर लीक, बेरोजगारी और पुलिसिया जुल्म यही है मोदी सरकार का ‘युवा विकास’ मॉडल। इनेलो युवाओं के साथ खड़ा है और इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगा। हमारी मांग है तुरंत दोषियों पर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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