बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 जुलाई। हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों ने प्रदेश के दो नगर निगमों—अम्बाला और मानेसर—की कानूनी वैधता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विभाग की 16 जुलाई 2026 तक अपडेट जनसंख्या रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों नगर निगमों की आबादी हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में निर्धारित न्यूनतम तीन लाख की सीमा से कम है।
आंकड़ों के मुताबिक फरीदाबाद नगर निगम 20,42,186 की आबादी के साथ हरियाणा का सबसे बड़ा नगर निगम है, जबकि मानेसर नगर निगम मात्र 1,62,617 की जनसंख्या के साथ सबसे छोटा नगर निगम है। वहीं अम्बाला नगर निगम की आधिकारिक आबादी 2,57,942 दर्ज की गई है, जो कानून में निर्धारित न्यूनतम सीमा से 42,058 कम है।
सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं नगर निकाय कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि प्रत्येक नगर निकाय की जनसंख्या का स्रोत हरियाणा सरकार का सिटीजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (CRID) है और यह आंकड़े 16 जुलाई 2026 तक अपडेट हैं। उन्होंने बताया कि संपत्तियों से संबंधित डेटा प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल तथा क्षेत्रफल संबंधी जानकारी विभाग की जीआईएस (GIS) प्रणाली से ली गई है।
11 नगर निगमों की आधिकारिक जनसंख्या
फरीदाबाद – 20,42,186
गुरुग्राम – 11,31,859
पानीपत – 6,97,159
यमुनानगर – 5,47,091
रोहतक – 4,66,254
करनाल – 4,12,933
हिसार – 3,86,112
सोनीपत – 3,79,994
पंचकूला – 3,01,568
अम्बाला – 2,57,942
मानेसर – 1,62,617
वहीं क्षेत्रफल के आधार पर 297.99 वर्ग किलोमीटर के साथ गुरुग्राम प्रदेश का सबसे बड़ा नगर निगम है, जबकि 285.89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ फरीदाबाद दूसरे स्थान पर है।
क्या कहता है कानून?
हेमंत कुमार के अनुसार हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 3(2) के प्रावधान के तहत किसी क्षेत्र में नगर निगम गठित करने के लिए कम से कम तीन लाख की जनसंख्या होना आवश्यक है। उनका कहना है कि जब सरकार के अपने आधिकारिक आंकड़े ही अम्बाला और मानेसर की आबादी तीन लाख से कम दर्शा रहे हैं, तो इन दोनों नगर निगमों के कानूनी अस्तित्व और वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े होना स्वाभाविक है।
चुनाव से पहले भेजा था कानूनी नोटिस
हेमंत कुमार ने बताया कि उन्होंने मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम के पहले चुनाव और मई 2026 में अम्बाला नगर निगम चुनाव से पहले हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर आग्रह किया था कि चुनाव से पहले दोनों नगर निगमों की आबादी कानून के अनुरूप तीन लाख सुनिश्चित की जाए। उनका दावा है कि अब तक उनके नोटिस पर कोई कार्रवाई या जवाब नहीं मिला है।
नए विधेयक में भी बरकरार है तीन लाख की शर्त
उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा से पारित हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 में भी नगर निगम गठन के लिए न्यूनतम तीन लाख की आबादी का प्रावधान यथावत रखा गया है। यह विधेयक फिलहाल राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए विचाराधीन है।
हेमंत कुमार का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार स्वयं भी नगर निगम गठन के लिए तीन लाख की न्यूनतम आबादी को आवश्यक मानती है। ऐसे में अम्बाला और मानेसर नगर निगमों की वर्तमान स्थिति पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
बढ़ सकती है कानूनी बहस
सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में दो नगर निगमों की आबादी निर्धारित सीमा से कम होने के कारण यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि कानूनी बहस का विषय भी बन गया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित न्यायिक परीक्षण पर सभी की नजर रहेगी।











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