बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 29 जुलाई: पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की दिवंगत रिसर्च स्कॉलर ज्योति के परिवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने आर्थिक और मानवीय सहायता देने का बड़ा फैसला लिया है। 28 जुलाई 2026 को कुलपति की स्वीकृति के बाद जारी आदेश में परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मृतका के भाई को विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 28 जुलाई को ज्योति के परिजनों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में परिवार की मांगों और परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। आदेश में उल्लेख है कि ज्योति का 28 जुलाई की सुबह पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस, सेक्टर-25 में हुए हादसे के बाद निधन हो गया था।

आदेश के अनुसार, दिवंगत छात्रा के भाई, जिसने 10+2 के साथ आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) की योग्यता प्राप्त की है, को पंजाब यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्ति की पेशकश की जाएगी। यह नियुक्ति विश्वविद्यालय और पंजाब सरकार के लागू नियमों, निर्धारित पात्रता तथा आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दी जाएगी।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिवार को कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसमें 5 लाख रुपये कुलपति के विवेकाधीन कोष से तथा 11 लाख रुपये डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि यह सहायता दिवंगत छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने और इस कठिन समय में उन्हें सहयोग देने की भावना से दी जा रही है। आदेश पर रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर के साथ कुलपति की मंजूरी भी दर्ज है।
गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से हुई रिसर्च स्कॉलर ज्योति की मौत के बाद छात्रों और विभिन्न संगठनों ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह राहत पैकेज पीड़ित परिवार के समर्थन में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












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